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Pithoragarh News: प्रधानमंत्री को पहनाए जाएंगे रंगा-ब्यंथलो
Fri, 06 Oct 2023 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 06 Oct 2023 11:28 PM IST
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पीएम मोदी का वर्ष 1987-88 में कैलाश यात्रा के दौरान धारचूला में लिया गया फोटो। स्रोत: कृष्णा गर
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पिथौरागढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 अक्तूबर को आदि कैलाश के दर्शन करेंगे। आदि कैलाश में रं कल्याण संस्था के सदस्य प्रधानमंत्री का परंपरागत वेशभूषा में स्वागत करेंगे। प्रधानमंत्री को परंपरागत परिधान रंगा-ब्यंथलो (परिधान और पगड़ी) पहनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश के दर्शन को लेकर रं समाज के लोगों में खासा उत्साह है। रं कल्याण संस्था के संरक्षक अशोक नबियाल, अध्यक्ष दीपक रौंकली और प्रबंधक कृष्णा गर्ब्याल ने बताया कि प्रशासन ने बुदी से कुटी तक के 25 लोगों को ही पीएम से मिलने की अनुमति दी है। नबियाल ने बताया कि संस्था की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया जाएगा। उन्हें परंपरागत परिधान पहनाया जाएगा और ढाल-तलवार भेंट की जाएगी। साथ ही मुनस्यारी का पशमीना शॉल भेंट किया जाएगा। परंपरागत गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे। ज्योलिंगकांग में रं म्यूजियम की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
35 साल पहले कैलाश मानसरोवर आ चुके हैं पीएम
पिथौरागढ़। पीएम नरेंद्र मोदी वर्ष 1987-88 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुके हैं। तब उन्होंने यात्रा के पड़ाव धारचूला में विश्राम किया था। उन्होंने यहां फोटो भी खींची थी। उन्होंने दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ की एक छात्रा से धारचूला का जिक्र किया था।
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आदि कैलाश को बनाएं पांचवां धाम
पिथौरागढ़। रं कल्याण संस्था की ओर से आदि कैलाश को पांचवां धाम बनाने का अनुरोध प्रधानमंत्री से किया जाएगा। इनरलाइन जौलजीबी में किए जाने, दारमा में प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट रद्द करने, चौदास घाटी से कैलाश मानसरोवर के पुराने पैदल मार्ग को भारत माला के तहत सड़क बनाकर गर्बाधार से जोड़ने, वाइब्रेंट विलेज घोषित गुंजी में केंद्रीय विद्यालय खोलने, लिंपियाधुरा में कैलाश मानसरोवर आदि कैलाश दर्शन के लिए व्यू प्वाइंट बनाने का अनुरोध किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री के व्यास घाटी स्थित आदि कैलाश के दर्शन को लेकर रं समाज के लोगों में खासा उत्साह है। रं कल्याण संस्था के संरक्षक अशोक नबियाल, अध्यक्ष दीपक रौंकली और प्रबंधक कृष्णा गर्ब्याल ने बताया कि प्रशासन ने बुदी से कुटी तक के 25 लोगों को ही पीएम से मिलने की अनुमति दी है। नबियाल ने बताया कि संस्था की ओर से प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत फूलों की वर्षा के साथ किया जाएगा। उन्हें परंपरागत परिधान पहनाया जाएगा और ढाल-तलवार भेंट की जाएगी। साथ ही मुनस्यारी का पशमीना शॉल भेंट किया जाएगा। परंपरागत गीत, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी किए जाएंगे। ज्योलिंगकांग में रं म्यूजियम की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
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35 साल पहले कैलाश मानसरोवर आ चुके हैं पीएम
पिथौरागढ़। पीएम नरेंद्र मोदी वर्ष 1987-88 में कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर चुके हैं। तब उन्होंने यात्रा के पड़ाव धारचूला में विश्राम किया था। उन्होंने यहां फोटो भी खींची थी। उन्होंने दिल्ली मेट्रो में यात्रा के दौरान पिथौरागढ़ की एक छात्रा से धारचूला का जिक्र किया था।
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आदि कैलाश को बनाएं पांचवां धाम
पिथौरागढ़। रं कल्याण संस्था की ओर से आदि कैलाश को पांचवां धाम बनाने का अनुरोध प्रधानमंत्री से किया जाएगा। इनरलाइन जौलजीबी में किए जाने, दारमा में प्रस्तावित हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट रद्द करने, चौदास घाटी से कैलाश मानसरोवर के पुराने पैदल मार्ग को भारत माला के तहत सड़क बनाकर गर्बाधार से जोड़ने, वाइब्रेंट विलेज घोषित गुंजी में केंद्रीय विद्यालय खोलने, लिंपियाधुरा में कैलाश मानसरोवर आदि कैलाश दर्शन के लिए व्यू प्वाइंट बनाने का अनुरोध किया जाएगा।