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रामगंगा घाट तक अर्थी ले जाना मुश्किल

Wed, 27 Dec 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
ब्यूरो/अमर उजाला, थल Updated Wed, 27 Dec 2017 10:35 PM IST
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Ramganga Ghat is difficult to carry
रास्ते की खुदाई के कारण अर्थी को ले जाने में हो रही दिक्कत - फोटो : अमर उजाला

रामगंगा घाट जाने वाली सड़क को जल निगम ने पेयजल लाइन बिछाने के लिए खोद दिया है। अब इस सड़क से लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। बुधवार को बुंगाछीना से शवदाह के लिए पहुंचे लोगों को इस सड़क से अर्थी को ले जाने में भारी दिक्कतें हुई। खुदाई के कारण सड़क पर गड्ढा बन गया है। उसमें दो लोग एक साथ नहीं चल पाते। अर्थी को कंधा लेकर चल रहे लोगों के पांव कुछ देर के लिए इस गड्ढे के पास ठिठक गए। बाद में साहस कर किसी तरह अर्थी को गड्ढे से पार कराया गया।

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थल के रामगंगा घाट में शवदाह के लिए डीडीहाट, बुंगाछीना, नाचनी, भांतड़, साता, पमस्यारी, सानदेव, मुवानी समेत आसपास के इलाकों से लोग आते हैं। रोजाना कम से कम दो शवों का अंतिम संस्कार इस घाट पर जरूर होता है। बताया गया कि थल बाजार से घाट तक जाने के लिए इस सड़क का निर्माण 1952 में हो गया था। रामगंगा के तट पर लगने वाले मेले को देखते हुए इस सड़क का निर्माण किया गया। बाद में इस इलाके में आबादी बस गई और आम लोग भी इसी सड़क से आवाजाही करने लगे।
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व्यापार संघ उपाध्यक्ष अनिल कार्की ने कहा कि पाइप लाइन बिछाने के लिए मानकों की अनदेखी की जा रही है। खुदाई के समय निकलने वाले पत्थरों को नहीं हटाया जा रहा है। इस कारण कभी भी कोई घटना हो सकती है। जल निगम के सहायक अभियंता शिवम द्विवेदी के अनुसार जल्दी ही खुदाई वाले स्थान को सीमेंट से बंद कर दिया जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में कोई कठिनाई नहीं होगी।

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