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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में बारिश नहीं होने से रबी की फसल और बागवानी चौपट

Wed, 24 Jan 2024 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Wed, 24 Jan 2024 11:06 PM IST
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Rabi crop and horticulture ruined due to lack of rain in Pithoragarh
पिथौरागढ़ में बारिश नहीं होने के कारण इस तरह सूख रही हैं फसलें। संवाद
पिथौरागढ़। जिले में पिछले चार माह से बारिश नहीं हुई है। इस कारण जिले भर में 27,830 हेक्टेयर में बोई गई गेहूं, चना, मसूर, जौ आदि फसलें सूखने लगी हैं। किसानों ने सरकार से खेती को सूखाग्रस्त घोषित कर मुआवजा देने की मांग की है। पिछले चार वर्षों में वर्ष 2023 में सबसे कम बारिश हुई है जिस कारण खेतों में नमी नहीं है।
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जिले में 65 हजार से अधिक किसान मौसम की मार सह रहे हैं। जिले में रबी की फसल बुआई के बाद से ही बारिश नहीं हुई है। जिले में 28 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में रबी की फसल बोई गई है। इधर सूखे ही स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए कृषि विभाग की टीम नजर रखे हुए है लेकिन अभी तक नुकसान आकलन शुरू नहीं हो पाया है।
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डीडीहाट के किसान बिशन राम का कहना है कि बारिश नहीं होने और पाले के अधिक पड़ने से फसल पीली हो गई है और अब धीरे-धीरे सूख रही है। उन्होंने कहा कि अगर अब बारिश हो भी गई तो फसल की सामान्य बढ़वार नहीं हो पाएगी। इस बार फसल पूरी तरह चौपट हो गई है।
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सिंचाई नहरों का हाल खराब
पिथौरागढ़। जिले में फसलों की सिंचाई के लिए बनाई गई नहरों का हाल बेहाल है। इस कारण किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिले में किसानों की मौसम पर निर्भरता खत्म करने के लिए 1891 सिंचाई नहरें बनाई गई हैं। हालांकि इनमें से 800 सिंचाई नहरें बंद चल रही हैं और 200 सिंचाई नहरों में तो पानी का स्रोत नहीं होने के कारण कभी पानी ही नहीं आया। वर्तमान में अधिकतर सिंचाई नहरें बदहाल हैं जिन्हें ठीक करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। संवाद
पिथौरागढ़ में बोई गई रबी की फसल का विवरण
फसल- हेक्टेयर
जौ - 4100
चना - 80
मटर - 250
मसूर - 4500
लाही-सरसों - 900
जिले में चार साल में हुई बारिश का विवरण एमएम में
वर्ष - बारिश मिमी में
2020 - 1992.49
2021 - 2115.53
2022- 1871.12
2023 - 1049.57
नवंबर और दिसंबर में रहा पूरा सूखा
पिथौरागढ़। अक्तूबर में पिथौरागढ़ जिले में वर्षा का औसत 31.14 मिमी रहा। इसके बाद नवंबर और दिसंबर पूरी तरह से सूखे बीते। जनवरी में भी 25 दिन बीत गए हैं और अभी तक बारिश नहीं हुई है।
कोट
बारिश नहीं होने से रबी की फसलों को नुकसान हुआ है। विभाग की टीम लगातार नजरें बनाए हुए है। सूखे से कितना नुकसान हुआ इसका आकलन जल्द किया जाएगा। - रितु टम्टा, मुख्य कृषि अधिकारी पिथौरागढ़।

कोट
बारिश नहीं होने से बागवानी और सब्जी उत्पादन पर भी खासा असर पड़ा है। पाले के कारण हरी सब्जियां खराब हो रही हैं। निश्चित तौर पर किसानों को नुकसान हो रहा है। - त्रिलोकी राय, डीएचओ पिथौरागढ़।
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