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सीमांत की लाइफ लाइन 90 दिनों से बंद, लोगों के किया बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन
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धारचूला में 90 दिन से बंद तवाघाट-सोबला सड़क को खोलने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते सीमांत के लोग।
- फोटो : PITHORAGARH
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धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत की लाइफलाइन पिछले 90 दिनों से बंद चल रही है। इससे गुस्साएं सीमांत के लोगों में बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने कहा कि तवाघाट सोबला सड़क के 90 दिनों से बंद होने से पूरा क्षेत्र अलग-थलग पड़ा है। इसके बाद भी बीआरओ सड़क खोलने का कार्य तेज गति से नहीं कर रही है।
बुधवार ब्लॉक प्रधान संगठन अध्यक्ष पूरन ग्वाल के नेतृत्व में तल्ला मल्ला दारमा और चौंदास घाटी के महिला और पुरुषों ने तहसील कार्यालय में बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर 10 दिनों में सड़क नहीं खुलने पर बीआरओ कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
ब्लॉक प्रधान संगठन अध्यक्ष पूरन ग्वाल ने कहा कि बीआरओ की लापरवाही के कारण 50 से ज्यादा गांव के लोगों को रोजमर्रा का सामान महंगा हो गया है। बीमार लोग 10 से 15 किमी की यात्रा पैदल ही तय करने के लिए मजबूर हैं। जिंप. सदस्य सुरेश जेठा ने बीआरओ के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि तवाघाट से सोबला की सड़क 20 सालों से बीआरओ के पास है।
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सही रखरखाव न होने से कई जगहों पर सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। बरसात में ये सड़क कई महीने बंद रहती है। इस बार भी 90 दिनों से सड़क बंद पड़ी है। उन्होंने शीघ्र सड़क नहीं खोलने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस मौके पर मुक्ता ह्यांकी, खुशाल गर्खाल, दीना तीतियाल, भगवती बनग्याल, सपना बोनाल, पूजा वर्मा, बिंद्रा फिरमाल आदि थे।
तिगुने दामों में पहुंच रहा है सामान
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से सटे गांवों को जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सोबला-तवाघाट सड़क के 90 दिनों से बंद होने के लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 50 से अधिक गांव के लोगों को रोजमर्रा की खाद्य सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान के दाम तीन गुना बढ़ गए हैं। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत या अन्य काम होने पर 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर धारचूला पहुंचना पड़ रहा है। प्रवास पर जाने वाले लोग भी परेशान हैं।
बोले सीमांत के लोग-
तवाघाट- सोबला की सड़क 20 सालों से बीआरओ के पास है। बीआरओ सड़क का ठीक तरह से रखरखाव नहीं कर रही है। कई स्थानों पर सड़क बदहाल है। मशीनरी के युग में सड़क के 90 दिनों तक नहीं खुलना चिंताजनक है। - पूरन सिंह ग्वाल, प्रधान संगठन अध्यक्ष धारचूला।
बीआरओ तवाघाट- सोबला की सड़क का सुधार और रखरखाव नहीं कर सकती है तो बीआरओ को प्रशासन को लिखित में देना होगा। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से अन्य विभागों से तवाघाट- सोबला सड़क का मेंटेनेंस का कार्य कराने की मांग की जा सकती है। - आन सिंह रौकाया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य।
खराब मौसम के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। बीआरओ सहित अन्य सड़क निर्माण में लगी एजेंसियों को काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। लगातार मानीटरिंग भी की जा रही है। सड़क शीघ्र खुल जाएगी। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम पिथौरागढ़।
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बुधवार ब्लॉक प्रधान संगठन अध्यक्ष पूरन ग्वाल के नेतृत्व में तल्ला मल्ला दारमा और चौंदास घाटी के महिला और पुरुषों ने तहसील कार्यालय में बीआरओ के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजकर 10 दिनों में सड़क नहीं खुलने पर बीआरओ कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी दी है।
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ब्लॉक प्रधान संगठन अध्यक्ष पूरन ग्वाल ने कहा कि बीआरओ की लापरवाही के कारण 50 से ज्यादा गांव के लोगों को रोजमर्रा का सामान महंगा हो गया है। बीमार लोग 10 से 15 किमी की यात्रा पैदल ही तय करने के लिए मजबूर हैं। जिंप. सदस्य सुरेश जेठा ने बीआरओ के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कहा कि तवाघाट से सोबला की सड़क 20 सालों से बीआरओ के पास है।
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सही रखरखाव न होने से कई जगहों पर सड़कों की हालत बहुत ही खराब है। बरसात में ये सड़क कई महीने बंद रहती है। इस बार भी 90 दिनों से सड़क बंद पड़ी है। उन्होंने शीघ्र सड़क नहीं खोलने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस मौके पर मुक्ता ह्यांकी, खुशाल गर्खाल, दीना तीतियाल, भगवती बनग्याल, सपना बोनाल, पूजा वर्मा, बिंद्रा फिरमाल आदि थे।
तिगुने दामों में पहुंच रहा है सामान
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से सटे गांवों को जोड़ने वाली सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सोबला-तवाघाट सड़क के 90 दिनों से बंद होने के लोगों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। 50 से अधिक गांव के लोगों को रोजमर्रा की खाद्य सामग्री सहित अन्य जरूरी सामान के दाम तीन गुना बढ़ गए हैं। लोगों को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत या अन्य काम होने पर 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर धारचूला पहुंचना पड़ रहा है। प्रवास पर जाने वाले लोग भी परेशान हैं।
बोले सीमांत के लोग-
तवाघाट- सोबला की सड़क 20 सालों से बीआरओ के पास है। बीआरओ सड़क का ठीक तरह से रखरखाव नहीं कर रही है। कई स्थानों पर सड़क बदहाल है। मशीनरी के युग में सड़क के 90 दिनों तक नहीं खुलना चिंताजनक है। - पूरन सिंह ग्वाल, प्रधान संगठन अध्यक्ष धारचूला।
बीआरओ तवाघाट- सोबला की सड़क का सुधार और रखरखाव नहीं कर सकती है तो बीआरओ को प्रशासन को लिखित में देना होगा। जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार से अन्य विभागों से तवाघाट- सोबला सड़क का मेंटेनेंस का कार्य कराने की मांग की जा सकती है। - आन सिंह रौकाया, पूर्व जिला पंचायत सदस्य।
खराब मौसम के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें आ रही हैं। बीआरओ सहित अन्य सड़क निर्माण में लगी एजेंसियों को काम में तेजी लाने के लिए निर्देशित किया गया है। लगातार मानीटरिंग भी की जा रही है। सड़क शीघ्र खुल जाएगी। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम पिथौरागढ़।