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जिले में रक्षाबंधन पर आशाओं ने मांगें पूरी करने का मांगा उपहार
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धारचूला में धरना देती आशा वर्कर्स।( संवाद)
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। जिले में आशा वर्कर्स ने रक्षाबंधन पर्व पर सरकार से मांगों को पूरा करने का उपहार मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को आशा वर्कर्स की मांगें पूरी कर रक्षा बंधन पर खुशियां देनी चाहिए।
रविवार को घर पर राखी पर्व मनाने के बाद आशाओं ने गांधी चौक में सरकार के खिलाफ धरना देकर नारे लगाए। उन्होंने सरकार उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 21 हजार वेतनमान, सेवानिवृत्त पर पेंशन का प्रावधान, कोरोना ड्यूटी में मृत आशा वर्करों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा आदि मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
धरने में हेमलता सौन, लीला जोशी, सीमा नगरकोटी, नेहा चंद, विनीता भट्ट, बसंती सौन शामिल रहीं। समर्थन में भाकपा माले नेता गोविंद कफलिया ने भी धरना दिया।
बेड़ीनाग में आशा वर्कर्स ने ब्लॉक अध्यक्ष सावित्री पंत के नेतृत्व में धनी, विमला देवी, हेमा देवी, चंद्रकला पंत, मीरा खनका, मुन्नी देवी ने धरना दिया। मुनस्यारी में ब्लॉक अध्यक्ष शांति मर्तोलिया के नेतृत्व में आशाओं ने धरना दिया। गंगोलीहाट में जानकी देवी, पुष्पा देवी, उमा, कमला समेत कई आशाओं ने सरकार के खिलाफ धरना दिया।
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धारचूला में देवकी, जानकी, कलसी, पार्वती, मोहनी, इंद्रा, लक्ष्मी आदि ने धरना दिया। कनालीछीना, भागीचौरा, मुवानी में भी आशाओं ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
रक्षा बंधन के दिन भी कार्य बहिष्कार पर डटी रही आशा कार्यकर्ताएं
चंपावत/टनकपुर। प्रोत्साहन राशि के स्थान पर नियमित वेतनमान की सुविधा दिए जाने सहित 12 सूत्री मांगों के लिए आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। रक्षा बंधन का राजकीय अवकाश होने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर धरना, प्रदर्शन जारी रखा।
आशाओं का कहना था कि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री से रक्षाबंधन के पर्व पर मानदेय दिए जाने की सौगात की अपेक्षा कर रही थी लेकिन सरकार की ओर से आशाओं की मांग को अनसुना किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन के अगले चरण में क्षेत्र में आने वाले मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। रविवार को कार्य बहिष्कार करने वालों में संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणी जोशी, जिला उपाध्यक्ष हेमा जोशी, संगीता देवी, उमा जोशी, तनुजा पांडेय, बसंती देवी आदि रहीं।
टनकपुर में भी आशाओं का धरना-प्रदर्शन में जारी रहा। रविवार को धरने पर बैठने से पहले उन्होंने संयुक्त चिकित्सालय के स्वास्थ्य कर्मी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इनमें संगठन की क्षेत्रीय अध्यक्ष लीला ठाकुर, राखी कुंवर, पुष्पा चौहान, दुर्गा देउपा, मोहनी जुकरिया, शकुंतला भंडारी आदि थीं।
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रविवार को घर पर राखी पर्व मनाने के बाद आशाओं ने गांधी चौक में सरकार के खिलाफ धरना देकर नारे लगाए। उन्होंने सरकार उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम 21 हजार वेतनमान, सेवानिवृत्त पर पेंशन का प्रावधान, कोरोना ड्यूटी में मृत आशा वर्करों के आश्रितों को 50 लाख का बीमा आदि मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की।
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धरने में हेमलता सौन, लीला जोशी, सीमा नगरकोटी, नेहा चंद, विनीता भट्ट, बसंती सौन शामिल रहीं। समर्थन में भाकपा माले नेता गोविंद कफलिया ने भी धरना दिया।
बेड़ीनाग में आशा वर्कर्स ने ब्लॉक अध्यक्ष सावित्री पंत के नेतृत्व में धनी, विमला देवी, हेमा देवी, चंद्रकला पंत, मीरा खनका, मुन्नी देवी ने धरना दिया। मुनस्यारी में ब्लॉक अध्यक्ष शांति मर्तोलिया के नेतृत्व में आशाओं ने धरना दिया। गंगोलीहाट में जानकी देवी, पुष्पा देवी, उमा, कमला समेत कई आशाओं ने सरकार के खिलाफ धरना दिया।
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धारचूला में देवकी, जानकी, कलसी, पार्वती, मोहनी, इंद्रा, लक्ष्मी आदि ने धरना दिया। कनालीछीना, भागीचौरा, मुवानी में भी आशाओं ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
रक्षा बंधन के दिन भी कार्य बहिष्कार पर डटी रही आशा कार्यकर्ताएं
चंपावत/टनकपुर। प्रोत्साहन राशि के स्थान पर नियमित वेतनमान की सुविधा दिए जाने सहित 12 सूत्री मांगों के लिए आशा कार्यकर्ताओं का कार्य बहिष्कार रविवार को 21वें दिन भी जारी रहा। रक्षा बंधन का राजकीय अवकाश होने के बावजूद आशा कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में नारेबाजी कर धरना, प्रदर्शन जारी रखा।
आशाओं का कहना था कि वह प्रदेश के मुख्यमंत्री से रक्षाबंधन के पर्व पर मानदेय दिए जाने की सौगात की अपेक्षा कर रही थी लेकिन सरकार की ओर से आशाओं की मांग को अनसुना किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन के अगले चरण में क्षेत्र में आने वाले मंत्रियों का घेराव किया जाएगा। रविवार को कार्य बहिष्कार करने वालों में संगठन की ब्लॉक अध्यक्ष रुकमणी जोशी, जिला उपाध्यक्ष हेमा जोशी, संगीता देवी, उमा जोशी, तनुजा पांडेय, बसंती देवी आदि रहीं।
टनकपुर में भी आशाओं का धरना-प्रदर्शन में जारी रहा। रविवार को धरने पर बैठने से पहले उन्होंने संयुक्त चिकित्सालय के स्वास्थ्य कर्मी भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। इनमें संगठन की क्षेत्रीय अध्यक्ष लीला ठाकुर, राखी कुंवर, पुष्पा चौहान, दुर्गा देउपा, मोहनी जुकरिया, शकुंतला भंडारी आदि थीं।