सीमांत गांवों में होम स्टे को क्रिकेटर उन्मुक्त देंगे बढ़ावा
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वर्ष 2012 में अपनी कप्तानी में भारत को अंडर-19 विश्व कप का खिताब दिलाने वाले उन्मुक्त चंद क्रिकेट के साथ ही सीमांत गांवों में होम स्टे को बढ़ावा भी देंगे। दरअसल कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने इस बार दारमा घाटी के दुग्तू, दातू, बालिंग और नांगलिंग गांवों में विशेष अभियान चलाकर लोगों के घरों में सुख सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम शुरू किया है। निगम होम स्टे से जुड़े परिवारों को ट्रेनिंग भी दे रहा है। इसी कड़ी में केएमवीएन के विशेष आग्रह पर सीमांत गांवों को होम स्टे से जोड़ने के लिए क्रिकेटर उन्मुक्त चंद, फिल्मकार विनोद कापड़ी, वरिष्ठ साहित्यकार अशोक पांडे यहां पहुंचे।
केएमवीएन ने पिछले कई सालों से कुमाऊं के पर्यटन स्थलों के साथ सीमांत इलाकों में स्थित ट्रैकिंग रूटों से जुड़े गांवों में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। होम स्टे में रुकने वाले पर्यटक जहां घर जैसे माहौल, वहीं स्थानीय परंपरा, संस्कृति से भी रूबरू होते हैं। इसके अलावा यहां के व्यंजनों को भी चखने का मौका मिलता है। पर्यटन सीजन में पंचाचूली और आसपास ट्रैकिंग पर जाने वाले पर्यटक इस बार दारमा घाटी के दुग्तू, दातू, बालिंग और नांगलिंग गांवों में होम स्टे के तहत लोगों के घरों पर ठहरेंगे।
केएमवीएन की कवायद
- होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए केएमवीएन योजना से जुड़े हर घर में रंग रोगन का काम भी करवा रहा है।
- दरवाजे, खिड़कियों में हल्का हरे रंग का पेंट किया जा रहा है, नेचुरल लुक देने को घरों के भीतर मिट्टी के रंग की पुताई की जा रही है।
सीमांत क्षेत्रों में पर्यटकों के ठहरने के लिए कोई गेस्ट हाउस नहीं है। इसलिए यहां होम स्टे विकसित होने पर पर्यटकों को भी सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय लोगों की आय में इजाफा होगा। स्थानीय लोगों को होम स्टे से जोड़ने के लिए केएमवीएन के आग्रह पर क्रिकेटर उन्मुक्त चंद और वरिष्ठ साहित्यकार अशोक पांडे दारमा घाटी के भ्रमण पर आए हैं। दोनों लोग अभियान चलाकर स्थानीय लोगों को होम स्टे के फायदे बताएंगे ताकि लोग इससे जुड़ सकें।
- धीराज गर्ब्याल, एमडी केएमवीएन
लाइट ग्रीन रंग के होंगे होम स्टे वाले घर
होम स्टे वाले घरों को एक रूप देने के उद्देश्य से भवनों के दरवाजे-खिड़कियों का सिर्फ लाइट ग्रीन (हल्का हरा) पेंट करना अनिवार्य किया गया है। ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक दूर से ही होम स्टे वाले घरों को पहचान सकें। केएमवीएन के एमडी ने बताया कि इससे पर्यटकों को इन घरों तक पहुंचने में भी दिक्कत नहीं होगी।