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Pithoragarh News: नैनीसैनी एयरपोर्ट को पंख लगाने की तैयारी
Fri, 30 Oct 2026 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 30 Oct 2026 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की कंसल्टेंसी कंपनी पहले यात्रियों का दबाव और संभावनाएं परखेगी। इसके बाद ही नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तार की रूपरेखा तय होगी। कंसल्टेंसी कंपनी अगले कुछ दिनों तक नैनीसैनी में डेरा जमाकर इन सभी बातों और संभावनाओं को परखेगी।
नैनीसैनी एयरपोर्ट को पहले ही एएआई के अधीन कर दिया गया है। नैनीसैनी से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना है। इसके लिए एयरपोर्ट का विस्तार होना है। एएआई ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। एयरपोर्ट का विस्तार तब शुरू होगा जब एएआई यात्रियों का दबाव, हवाई सेवाओं की संभावना, स्थानीय परिवहन, सड़क संपर्क, आतिथ्य सुविधाओं आदि को परखेगी। इसके लिए एएआई ने कंसल्टेंसी कंपनी मैसर्स अंर्स्ट एंड यंग को जिम्मेदारी दी है।
कंपनी ने बाकायदा सर्वे शुरू कर दिया है। इसी निष्कर्ष के आधार पर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की रूपरेखा तय होगी। ऐसे में साफ है कि कंपनी की सर्वे रिपोर्ट ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए निर्णायक होगी। एएआई दिल्ली मुख्यालय के उप महाप्रबंधक गोपाल चंद को सर्वे की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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53 हेक्टेयर भूमि में होना है एयरपोर्ट का विस्तारीकरण
नैनीसैनी एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच पूर्व में एमओयू साइन हो चुका है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए एयरपोर्ट का विस्तारीकरण जरूरी है। पूर्व में हुए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 53 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में आईटीबीपी जाजरदेवल की भूमि भी जरूरी है। इस कारण आईटीबीपी के 50 भवन इसकी जद में आ रहे हैं जिन्हें तोड़ने की बात हो रही है हालांकि एएआई की तरफ कंपनी की सर्वे पूरी होने के बाद भी स्पष्ट आंकड़े सामने आएंगे।
विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना होगा चुनौती
एयरपोर्ट को अस्तित्व को लाने के लिए नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने अपनी जमीन दी है। अब एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए प्रशासन और राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराना चुनौती होगा। ऐसा इसलिए कि नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने अब एयरपोर्ट के लिए एक इंच जमीन देने से साफ मना किया है। क्षेत्र के लोग पूर्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसके लिए विरोध जता चुके हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में उन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी नाम भूमि दी। तब प्रभावित परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का सरकार ने वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब फिर से एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम उनकी जमीन पर निगाह है। ऐसे में वह अब अपनी जमीन नहीं देंगे। संवाद
टूटेंगे लोगों के घर
पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट से शुरुआती दौर में सिर्फ नौ सीटर विमान का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद 42 सीटर विमान उड़ाने के लिए एयरपोर्ट के आसपास बने कई घर तोड़ने पड़े थे। तब भी ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद यह काम अंजाम तक पहुंचाया गया। अब 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की जरूरत बताई गई है। ऐसे में साफ है कि बड़े विमान उड़ाने के लिए अब भी आसपास बने कई घर टूटेंगे। इस काम को अंजाम तक पहुंचाना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। एमओयू के मुताबिक, जब प्रशासन और सरकार जरूरी भूमि उपलब्ध कराएगी तभी एएआई एयरपोर्ट का विस्तार करेगा।
..............
नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए यात्रियों की संख्या, संभावना और सुविधाओं का अध्ययन किया जाना है इसके लिए कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इन्हीं संभावनाओं को लेकर हितधारक परामर्श बैठक की गई। हितधारकों के सुझाव और सर्वे के बाद ही एयरपोर्ट के विस्तार का प्रस्ताव तैयार होगा। यही सुझाव आवश्यक सुविधाओं की योजना तैयार करने में सहायक होंगे। -संदीप यादव, निदेशक, नैनीसैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़
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नैनीसैनी एयरपोर्ट को पहले ही एएआई के अधीन कर दिया गया है। नैनीसैनी से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना है। इसके लिए एयरपोर्ट का विस्तार होना है। एएआई ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। एयरपोर्ट का विस्तार तब शुरू होगा जब एएआई यात्रियों का दबाव, हवाई सेवाओं की संभावना, स्थानीय परिवहन, सड़क संपर्क, आतिथ्य सुविधाओं आदि को परखेगी। इसके लिए एएआई ने कंसल्टेंसी कंपनी मैसर्स अंर्स्ट एंड यंग को जिम्मेदारी दी है।
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कंपनी ने बाकायदा सर्वे शुरू कर दिया है। इसी निष्कर्ष के आधार पर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की रूपरेखा तय होगी। ऐसे में साफ है कि कंपनी की सर्वे रिपोर्ट ही एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए निर्णायक होगी। एएआई दिल्ली मुख्यालय के उप महाप्रबंधक गोपाल चंद को सर्वे की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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53 हेक्टेयर भूमि में होना है एयरपोर्ट का विस्तारीकरण
नैनीसैनी एयरपोर्ट से 72 सीटर विमान उड़ाने की योजना को लेकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच पूर्व में एमओयू साइन हो चुका है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए एयरपोर्ट का विस्तारीकरण जरूरी है। पूर्व में हुए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए 53 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण में आईटीबीपी जाजरदेवल की भूमि भी जरूरी है। इस कारण आईटीबीपी के 50 भवन इसकी जद में आ रहे हैं जिन्हें तोड़ने की बात हो रही है हालांकि एएआई की तरफ कंपनी की सर्वे पूरी होने के बाद भी स्पष्ट आंकड़े सामने आएंगे।
विस्तारीकरण के लिए भूमि उपलब्ध कराना होगा चुनौती
एयरपोर्ट को अस्तित्व को लाने के लिए नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने अपनी जमीन दी है। अब एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए प्रशासन और राज्य सरकार को भूमि उपलब्ध कराना चुनौती होगा। ऐसा इसलिए कि नैनीसैनी क्षेत्र के लोगों ने अब एयरपोर्ट के लिए एक इंच जमीन देने से साफ मना किया है। क्षेत्र के लोग पूर्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर इसके लिए विरोध जता चुके हैं। लोगों का कहना है कि पूर्व में उन्होंने एयरपोर्ट के लिए अपनी नाम भूमि दी। तब प्रभावित परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का सरकार ने वादा किया था जो अब तक पूरा नहीं हो सका है। अब फिर से एयरपोर्ट विस्तारीकरण के नाम उनकी जमीन पर निगाह है। ऐसे में वह अब अपनी जमीन नहीं देंगे। संवाद
टूटेंगे लोगों के घर
पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट से शुरुआती दौर में सिर्फ नौ सीटर विमान का संचालन शुरू हुआ। इसके बाद 42 सीटर विमान उड़ाने के लिए एयरपोर्ट के आसपास बने कई घर तोड़ने पड़े थे। तब भी ग्रामीणों के भारी विरोध के बाद यह काम अंजाम तक पहुंचाया गया। अब 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए एयरपोर्ट के विस्तारीकरण की जरूरत बताई गई है। ऐसे में साफ है कि बड़े विमान उड़ाने के लिए अब भी आसपास बने कई घर टूटेंगे। इस काम को अंजाम तक पहुंचाना सरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। एमओयू के मुताबिक, जब प्रशासन और सरकार जरूरी भूमि उपलब्ध कराएगी तभी एएआई एयरपोर्ट का विस्तार करेगा।
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नैनीसैनी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए यात्रियों की संख्या, संभावना और सुविधाओं का अध्ययन किया जाना है इसके लिए कंपनी को जिम्मेदारी दी गई है। इन्हीं संभावनाओं को लेकर हितधारक परामर्श बैठक की गई। हितधारकों के सुझाव और सर्वे के बाद ही एयरपोर्ट के विस्तार का प्रस्ताव तैयार होगा। यही सुझाव आवश्यक सुविधाओं की योजना तैयार करने में सहायक होंगे। -संदीप यादव, निदेशक, नैनीसैनी एयरपोर्ट, पिथौरागढ़