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Pithoragarh News: पैदावार कम होने से 10 रुपये किलो महंगा हुआ आलू
Sun, 09 Jun 2024 12:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 09 Jun 2024 12:00 AM IST
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चंपावत। जिले में आलू की प्रचुर पैदावार होती है। इस वजह से विगत वर्षों तक क्षेत्र में आलू का फुटकर रेट 20 रुपये किलो से आगे नहीं बढ़ा। इस दौरान मौसम की मार के चलते आलू की पैदावार कम हुई है। इस वजह से आलू महंगा हो गया है।
अमूमन पिछले वर्ष तक 20 रुपये किलो बिक रहा आलू अब 30 से 35 रुपये किलो बिक रहा है। काश्तकारों का कहना है कि इस सीजन में आलू की पैदावार कम हुई है। जिले के चंपावत, लोहाघाट और पाटी के कई गांवों में बड़े पैमाने पर आलू खेती की जाती है। इस सीजन में आलू बीज लगाने के बाद बारिश नहीं हुई। काश्तकार नवीन सिंह, दीवान सिंह का कहना है कि आलू की फसल चौपट हो गई है। अन्य वर्षों की तुलना में दाने का साइज भी छोटा है। डीएचओ टीएन पांडेय का कहना है कि जिले में सचल दलों के माध्यम से 700 क्विंटल आलू वितरित किया गया है। इसके अलावा भी काश्तकार बाजारों से खरीदकर आलू की खेती कर रहे हैं। इस सीजन में आलू की पैदावार में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। बहरहाल अंत समय में हुई बारिश ने आलू की फसल को फौरी तौर पर कुछ राहत जरूर मिल सकी है। संवाद
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अमूमन पिछले वर्ष तक 20 रुपये किलो बिक रहा आलू अब 30 से 35 रुपये किलो बिक रहा है। काश्तकारों का कहना है कि इस सीजन में आलू की पैदावार कम हुई है। जिले के चंपावत, लोहाघाट और पाटी के कई गांवों में बड़े पैमाने पर आलू खेती की जाती है। इस सीजन में आलू बीज लगाने के बाद बारिश नहीं हुई। काश्तकार नवीन सिंह, दीवान सिंह का कहना है कि आलू की फसल चौपट हो गई है। अन्य वर्षों की तुलना में दाने का साइज भी छोटा है। डीएचओ टीएन पांडेय का कहना है कि जिले में सचल दलों के माध्यम से 700 क्विंटल आलू वितरित किया गया है। इसके अलावा भी काश्तकार बाजारों से खरीदकर आलू की खेती कर रहे हैं। इस सीजन में आलू की पैदावार में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। बहरहाल अंत समय में हुई बारिश ने आलू की फसल को फौरी तौर पर कुछ राहत जरूर मिल सकी है। संवाद
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