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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Polling parties were stuck for eight hours due to closure of Tawaghat-Lipulekh road

Dharchula News: तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद होने से आठ घंटे फंसी रहीं पोलिंग पार्टियां, दस सड़कें बंद

Tue, 22 Jul 2025 04:28 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Published by: हीरा मेहरा Updated Tue, 22 Jul 2025 04:28 PM IST
सार

चीन सीमा के साथ ही व्यास घाटी के सात गांवों को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद होने से पोलिंग पार्टियां और मतदाता करीब आठ घंटे तक फंसे रहे। ऐसे में मतदान पार्टियां पैदल सफर कर पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।

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Polling parties were stuck for eight hours due to closure of Tawaghat-Lipulekh road
तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंचायत चुनाव के बीच बारिश ने मतदाताओं, निर्वाचन कर्मियों के साथ ही आम लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। बारिश के बाद मलबा आने से सड़कें बंद हो रही हैं इससे निर्वाचन कर्मियों का बूथों तक तो मतदाताओं का मतदान के लिए अपने गांवों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। चीन सीमा के साथ ही व्यास घाटी के सात गांवों को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद होने से पोलिंग पार्टियां और मतदाता करीब आठ घंटे तक फंसे रहे। अन्य नौ सड़कों पर भी लंबे समय से रफ्तार थमी है। ऐसे में मतदान पार्टियां पैदल सफर कर पोलिंग बूथों तक पहुंचने के लिए मजबूर हैं।

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चीन सीमा के साथ व्यास घाटी के बूंदी, गर्ब्यांग, नपल्चू, गुंजी, नाबी, रांककांग और कुटी गांवों को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क बीते सोमवार सुबह करीब नौ बजे पेलसिती के पास मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई थी। सड़क के दोनों तरफ कई वाहन और स्थानीय लोग फंसे रहे। मंगलवार सुबह इन गांवों में मतदान संपन्न कराने के लिए पोलिंग पार्टियां विकासखंड मुख्यालय से रवाना हुईं लेकिन सड़क बंद होने से मतदान कर्मियों को फंसे रहना पड़ा।
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पंचायत चुनाव में मतदान करने के लिए जिला, विकासखंड मुख्यालय सहित अन्य हिस्सों से मतदाता अपने गांवों की तरफ रवाना हो रहे हैं। उन्हें भी सड़क के बंद होने से जाम में फंसना पड़ा। बीआरओ ने शाम पांच बजे के करीब बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई, तब जाकर मतदान कर्मी और मतदाता गंतव्य के लिए रवाना हो सके। इधर, मिलम-बुई, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, तवाघाट-उमचिया, नाचनी-भैंसकोट, खुमती-कटौजिया, होकरा-नामिक, बगीचा-सिलियाखोला, तवोवन-रांथी सड़कें भी लंबे समय से बंद हैं।

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इन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही थमने से क्षेत्र की 15 हजार से अधिक की आबादी को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन क्षेत्रों के मतदाता मतदान करने के लिए जबकि मतदान कर्मी अपने बूथों तक पहुंचने के लिए पैदल सफर करने के लिए मजबूर हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने का काम जारी है। जल्द सड़कों पर आवाजाही शुरू कराने के प्रयास हो रहे हैं।

सड़क बंद होने से ग्रामीण पैदल पहुंचे बूंदी
इस बार व्यास घाटी के सातों गांवों में मतदान केंद्र बनाया गया है। इन गांवों के अधिकांश मतदाता विकासखंड मुख्यालय में निवास करते हैं। सिर्फ गांवों में ही मतदान केंद्र बनने से ग्रामीण और मतदाताओं का मतदान के लिए अपने गांवों में पहुंचना मजबूरी है। चुनाव नजदीक आते ही मतदाता अपने गांवों का रुख करने लगे हैं। बीते सोमवार को तवाघाट-लिपुलेख सड़क बंद होने से 50 से अधिक ग्रामीणों को पैदल सफर कर अपने गांव बूंदी पहुंचना पड़ा। 

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