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आपदा के दर्द को सिर्फ हवाई भ्रमण कर उड़ाया मजाक
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पिथौरागढ़ डीएम कार्यालय के बाहर धरना देते विधायक और अन्य। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
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धपिथौरागढ़। विधायक हरीश धामी ने सीएम के आपदाग्रस्त धारचूला का हवाई दौरा करने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने हवाई दौरे के विरोध में सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने कहा सीएम का हवाई दौरा आपदा पीड़ितों का सिर्फ मजाक है।
सोमवार को विधायक हरीश धामी और कांग्रेसियों ने डीएम कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा 18, 19 अक्तूबर को जिले में आई भीषण आपदा से विधानसभा धारचूला में काफी नुकसान हुआ है।
क्षेत्र आपदा की मार से कराह रहा है लेकिन पर जिले के अधिकारी और सीएम आपदा क्षेत्रों में हवाई भ्रमण की औपचारिकता कर क्षेत्र की जनता का उपहास उड़ा रहे हैं।
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उन्होंने कहा दारमा, व्यास और चौदास घाटियों में भारी बर्फबारी के बाद स्थानीय लोग फंसे हैं, लेकिन सरकार केवल पर्यटकों का रेस्क्यू कर रही है। थल-मुनस्यारी, थल-जौलजीबी संपर्क मार्ग बुरी तरह से बदहाल है।
सरकार को इसकी चिंता नहीं है। आपदा पीड़ितों का विस्थापन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान के लिए राहत पैकेज दिया जाए। हिमालयी क्षेत्र में फंसे लोगों को निकाला जाए। तीनों घाटियों के साथ तल्ला-मल्ला जोहार क्षेत्र में बंद पड़े रास्तों को खोला जाए।
धामी ने कहा कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आठ नवंबर से वे जिला मुख्यालय में आमरण अनशन करेंगे। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, अनुसूचित जनजाति प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र रावत, जगत महर, विक्रम दानू, राजू धामी, शकुंतला दताल आदि थे।
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सोमवार को विधायक हरीश धामी और कांग्रेसियों ने डीएम कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा 18, 19 अक्तूबर को जिले में आई भीषण आपदा से विधानसभा धारचूला में काफी नुकसान हुआ है।
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क्षेत्र आपदा की मार से कराह रहा है लेकिन पर जिले के अधिकारी और सीएम आपदा क्षेत्रों में हवाई भ्रमण की औपचारिकता कर क्षेत्र की जनता का उपहास उड़ा रहे हैं।
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उन्होंने कहा दारमा, व्यास और चौदास घाटियों में भारी बर्फबारी के बाद स्थानीय लोग फंसे हैं, लेकिन सरकार केवल पर्यटकों का रेस्क्यू कर रही है। थल-मुनस्यारी, थल-जौलजीबी संपर्क मार्ग बुरी तरह से बदहाल है।
सरकार को इसकी चिंता नहीं है। आपदा पीड़ितों का विस्थापन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान के लिए राहत पैकेज दिया जाए। हिमालयी क्षेत्र में फंसे लोगों को निकाला जाए। तीनों घाटियों के साथ तल्ला-मल्ला जोहार क्षेत्र में बंद पड़े रास्तों को खोला जाए।
धामी ने कहा कि जल्द ही उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो आठ नवंबर से वे जिला मुख्यालय में आमरण अनशन करेंगे। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, अनुसूचित जनजाति प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र रावत, जगत महर, विक्रम दानू, राजू धामी, शकुंतला दताल आदि थे।