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खुद ही पूरे कर दिए आदर्श कॉलेज के मानक
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:57 PM IST
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पिथौरागढ़ का डीएसबी इंटर कॉलेज
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ नगर के सबसे पुराने देवसिंह राजकीय इंटर कॉलेज की स्थापना 1947 में हो गई थी। तभी इसके भवन की नींव तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल केएन करिअप्पा ने रखी थी। भवन का लोकार्पण यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने किया।
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कुमाऊं के प्रतिष्ठित मालदार परिवार ने इस विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। इस बार सरकार ने जिले के 40 विद्यालयों को आदर्श विद्यालय का दर्जा प्रदान किया लेकिन देवसिंह राजकीय इंटर कॉलेज को इसलिए यह दर्जा नहीं दिया गया क्योंकि यह मानक विद्यालय खुद ही पूरे कर चुका है।
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विद्यालय का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री लोकेंद्र बहादुर चंद, प्रख्यात भूवैज्ञानिक डॉ. केएस वल्दिया, पूर्व आईजी बीडी खर्कवाल की शिक्षा इसी विद्यालय में हुई। वर्ष 2010 से पहले इस विद्यालय में अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। इस कारण छात्रसंख्या गिरकर 300 से नीचे आ गई। 2010 में विद्यालय में प्रधानाचार्य का पद संभालने वाले डॉ. अशोक कुमार पंत ने सबसे पहले विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुधारने का बीड़ा उठाया।
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अनुशासन पर प्राथमिकता से ध्यान दिया गया। विद्यालय परिसर को संवारा गया। उसमें पार्क तैयार किया। जन सहयोग से संसाधन जुटाए गए। आज यह विद्यालय नगर का ही नहीं वरन जिले का सबसे आदर्श विद्यालय हो गया है। इसमें छात्र संख्या अब 700 का आंकड़ा पार कर रही है। डॉ. पंत दावे के साथ कहते हैं कि सरकारी स्कूलों में नामांकन दर बढ़ने के आधार पर यह विद्यालय प्रथम स्थान पर आता है।
पिथौरागढ़। देवसिंह राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार पंत का कहना है कि विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में सुसज्जित प्रयोगशाला, खेल मैदान, एनसीसी, एनएसएस की गतिविधियां, विज्ञान प्रतियोगिताएं आदि कराई जाती हैं।
स्थानीय प्रतिष्ठित लोगों की ओर से कई छात्रवृत्तियां प्रतिभाशाली बच्चों को दी जाती हैं। विद्यालय में शिक्षकों का कोई पद रिक्त नहीं है। परीक्षाफल हमेशा उत्कृष्ट रहता है। वर्ष 2015 में इंटर के 65 और हाईस्कूल के 20 छात्रों ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास की।
पिथौरागढ़। मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया का कहना है कि देवसिंह राजकीय इंटर कॉलेज में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य की मेहनत से यह विद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है। अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए भी यह बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में अनुशासन और पठनपाठन बेहतरीन है।