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खुमती के लोग श्रमदान से रास्ता बनाने में जुटे

Sat, 09 Sep 2017 10:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Sat, 09 Sep 2017 10:35 PM IST
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People of khumti are busy making way to Shramdan
धारचूला के खुमती गांव के लिए श्रमदान से रास्ता तैयार करते ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला

आपदा के समय ध्वस्त पैदल रास्तों की मरम्मत के लिए जब सरकारी स्तर पर कोई प्रयास नहीं हुआ तो गांव के लोग खुद ही श्रमदान से रास्ता बनाने में जुट गए हैं। खुमती गांव के लेकसल्ला और बजानी गांव को जोड़ने वाले इस पांच किलोमीटर लंबे रास्ते की मरम्मत के लिए गांव के लोग पूरे दस दिन तक श्रमदान करेंगे।

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नौ अगस्त को आई आपदा के समय खुमती गांव को भारी नुकसान पहुंचा था। पैदल रास्ते भी ध्वस्त हो गए थे। गांव के लोगों ने कई बार लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से रास्ता बनाने के लिए आग्रह किया, लेकिन अब तक लोनिवि ने रास्ते की मरम्मत के लिए मजदूर नहीं भेजे। गांव के लोगों ने बैठक कर तय किया कि अब रास्ते की मरम्मत श्रमदान से की जाएगी। जिन परिवारों के लोग श्रमदान में नहीं आ पाएंगे वह आर्थिक सहयोग करेंगे। पांच किलोमीटर लंबे पैदल रास्ते की मरम्मत में दस दिन का समय लगेगा और गांव के लोग रोज श्रमदान करेंगे।
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ग्राम प्रधान विमला देवी ने बताया कि गांव को जाने वाले पैदल रास्ते पर मलबा भरने से आवागमन में भारी कठिनाई हो रही थी। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन दूरदराज के पिछड़े इलाकों की कोई सुध नहीं लेती। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता गोपाल सिंह ने कहा कि दस दिन के भीतर रास्ते की मरम्मत हो जाएगी।

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