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उत्तराखंड: 11 को पिथौरागढ़ पहुंचेंगे पीएम मोदी, चौदास घाटी के लोगों को दौरे से जगी विकास की उम्मीद
Wed, 27 Sep 2023 04:32 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 27 Sep 2023 04:32 PM IST
सार
फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को नारायण आश्रम में रात्रि विश्राम करेंगे। प्रधानमंत्री के आश्रम में स्वागत के लिए चौदास घाटी के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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घारचूला स्थित चौदास घाटी का सिरखा गांव। संवाद
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 11 और 12 अक्टूबर को धारचूला की व्यास, चौदास घाटी के साथ ही पिथौरागढ़ में कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसके लिए प्रशासनिक अमला व्यापक तैयारियों में जुट गया है। वहीं चौदास घाटी के ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री के नारायण आश्रम प्रवास से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी और विकास के द्वार खुलेंगे।
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फिलहाल प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार प्रधानमंत्री 11 अक्टूबर को नारायण आश्रम में रात्रि विश्राम करेंगे। प्रधानमंत्री के आश्रम में स्वागत के लिए चौदास घाटी के लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। बीते दिनों नारायण आश्रम पहुंचे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के समक्ष लोगों ने पीएम का स्वागत करने देने की अनुमति मांगी। चौदास विकास समिति के महासचिव देवकृष्ण फकलियाल ने बताया कि जनजातीय समाज को पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ अपनी लोक संस्कृति को दिखाने का मौका दिया जाना चाहिए।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में तवाघाट से थानीधार-पांगू-सोसा, सिरखा, गबलाथान होते हुए कैलाश यात्रा होती थी। इस यात्रा पथ को थानीधार से छियालेख तक मिलाया जाना चाहिए। बकौल फकलियाल चौदास घाटी जड़ीबूटी और बागवानी के लिए काफी मुफीद है। घाटी के गांवों में सेब, आड़ू, नींबू, माल्टा, कीवी के साथ जड़ी बूटीकरण को बढ़ावा देकर ग्रामीणों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है। यहां हाईटेक विलेज बनाकर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। ज्यूंति नाला में ट्राउट मछली उत्पादन कर लोगों को स्वरोजगार से जोड़ा जा सकता है। परंपरागत शिल्प को पुनर्जीवित कर इसके वैभव को फिर से लौटाया जा सकता है।
चौदास घाटी के ये हैं 14 गांव
पांगू, धारपांगू, हिमखोला, छलमा छिलासों, सोसा, जयकोट, सिर्दांग, सिरखा, रुंग, पांगला, सिमखोला, जिप्ती, गर्बा, तांकुल।