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Pithoragarh News: जिंदगी बचाने के लिए डोली और कांधा ही सहारा
Mon, 10 Feb 2025 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 10 Feb 2025 11:22 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। तहसील की सुदूर ग्रामसभा कनार गांव में आज तक विकास की किरण नहीं पहुंची है। गांव के बीमार व्यक्ति, गर्भवतियों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को 18 किमी. की दौड़ लगानी पड़ती है। गांव के कुरखेती तोक निवासी 58 वर्षीय उमेदी देवी पत्नी बहादुर सिंह बिष्ट की तबीयत खराब होने पर ग्रामीण उन्हें डोली के सहारे बरम तक लाए।
उमेदी देवी कई दिन से बुखार से पीड़ित थीं। शरीर में सूजन पर ग्रामीणों ने उन्हें इलाज के लिए 18 किमी दूर बरम तक पहुंचाने का फैसला लिया। इसके बाद ग्रामीण उन्हें वाहन से 90 किमी दूर जिला अस्पताल पिथौरागढ़ ले गए। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
गांव से बरम तक आने में ग्रामीणों का पूरा दिन लग जाता है। ग्रामीणों ने सड़क के लिए पूर्व में लोकसभा, विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया था। अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री हरीश रावत और त्रिवेंद्र रावत सरकार ने सड़क की घोषणा की थी जो आज तक नहीं बन पाई। ग्रामीणों को घरेलू सामग्री के लिए भी बरम की दौड़ लगानी पड़ती है।
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सड़क के अभाव में कई परिवार पलायन कर चुके हैं। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। बीमार महिला को डोली से पहुंचाने वालों में हरीश सिंह, मुकेश सिंह, विक्रम बिष्ट, पुष्कर सिंह, जग्गू बिष्ट, पप्पू बिष्ट, हरेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।
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उमेदी देवी कई दिन से बुखार से पीड़ित थीं। शरीर में सूजन पर ग्रामीणों ने उन्हें इलाज के लिए 18 किमी दूर बरम तक पहुंचाने का फैसला लिया। इसके बाद ग्रामीण उन्हें वाहन से 90 किमी दूर जिला अस्पताल पिथौरागढ़ ले गए। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
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गांव से बरम तक आने में ग्रामीणों का पूरा दिन लग जाता है। ग्रामीणों ने सड़क के लिए पूर्व में लोकसभा, विधानसभा चुनाव का भी बहिष्कार किया था। अपने कार्यकाल में मुख्यमंत्री हरीश रावत और त्रिवेंद्र रावत सरकार ने सड़क की घोषणा की थी जो आज तक नहीं बन पाई। ग्रामीणों को घरेलू सामग्री के लिए भी बरम की दौड़ लगानी पड़ती है।
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सड़क के अभाव में कई परिवार पलायन कर चुके हैं। इससे ग्रामीणों में रोष पनप रहा है। बीमार महिला को डोली से पहुंचाने वालों में हरीश सिंह, मुकेश सिंह, विक्रम बिष्ट, पुष्कर सिंह, जग्गू बिष्ट, पप्पू बिष्ट, हरेंद्र बिष्ट आदि शामिल रहे।