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Pithoragarh News: हिमपात नहीं होने से ओम पर्वत में रह गई नाममात्र की बर्फ
Wed, 04 Dec 2024 11:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:11 AM IST
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धारचूला (पिथौरागढ़)। हिमपात नहीं होने से ओम पर्वत की बर्फ एक बार फिर पिघल गई है। ओम पर्वत में केवल नाममात्र की बर्फ ही रह गई है। बर्फ पिघलने से ओम पर्वत के आसपास की हिमालय की चोटियां भी काली पड़ चुकी हैं। इस साल अगस्त माह में भी बर्फ पिघलने से ओम पर्वत काला पड़ गया था।
वैश्विक तापमान बढ़ोतरी और मौसम में आए बदलाव से अब हिमपात भी कम हो रहा है। इसके चलते हिमालयी क्षेत्र में शीतकाल में भी पहाड़ियां काली नजर आ रही हैं। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील की व्यास घाटी में स्थित ओम पर्वत 5,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित नाभीढांग से ओम पर्वत के दर्शन होते हैं। प्राकृतिक रूप से ॐ बना होने से इसे ओम पर्वत कहा जाता है। बर्फ से लकदक होने पर यह चोटी बहुत खूबसूरत नजर आती है। मौसम में बदलाव के कारण बर्फबारी कम होने से इस साल ओम पर्वत की बर्फ दो बार पिघल चुकी है। अगस्त माह में यह चोटी पूरी तरह से काली पड़ गई थी। माह के अंत में हिमपात होने से फिर से लकदक हो गई थी।
सितंबर माह में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटकों को यहां पर बर्फ मिली थी लेकिन पिछले दो माह से बर्फबारी नहीं होने के कारण एक बार फिर ओम पर्वत की बर्फ पिघल गई है। इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी ओम पर्वत बर्फ विहीन हो गया था। माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसा हो रहा है। इसके अलावा मानव गतिविधियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। हिमालय की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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वैश्विक तापमान बढ़ोतरी और मौसम में आए बदलाव से अब हिमपात भी कम हो रहा है। इसके चलते हिमालयी क्षेत्र में शीतकाल में भी पहाड़ियां काली नजर आ रही हैं। पिथौरागढ़ जिले के धारचूला तहसील की व्यास घाटी में स्थित ओम पर्वत 5,900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर स्थित नाभीढांग से ओम पर्वत के दर्शन होते हैं। प्राकृतिक रूप से ॐ बना होने से इसे ओम पर्वत कहा जाता है। बर्फ से लकदक होने पर यह चोटी बहुत खूबसूरत नजर आती है। मौसम में बदलाव के कारण बर्फबारी कम होने से इस साल ओम पर्वत की बर्फ दो बार पिघल चुकी है। अगस्त माह में यह चोटी पूरी तरह से काली पड़ गई थी। माह के अंत में हिमपात होने से फिर से लकदक हो गई थी।
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सितंबर माह में आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन के लिए जाने वाले पर्यटकों को यहां पर बर्फ मिली थी लेकिन पिछले दो माह से बर्फबारी नहीं होने के कारण एक बार फिर ओम पर्वत की बर्फ पिघल गई है। इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी ओम पर्वत बर्फ विहीन हो गया था। माउंट एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसा हो रहा है। इसके अलावा मानव गतिविधियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। हिमालय की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
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