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Pithoragarh News: घिंघरानी गांव ने दिखाई अनानास उत्पादन की राह
Sun, 24 Sep 2023 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 24 Sep 2023 10:49 PM IST
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पिथौरागढ़। कनालीछीना ब्लॉक के घिंघरानी गांव के किसानों ने अनानास का उत्पादन कर जिले के अन्य किसानों के लिए नई राह खोली है। अब बेड़ीनाग के पीपलतड़ और मूनाकोट के बड़ालू गांव में भी किसान अनानास के उत्पादन में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। कृषि विभाग उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को अनानास के पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
घिंघरानी गांव घाटी वाले क्षेत्र में है। यहां की महिलाएं अनानास का उत्पादन कर रही हैं। महिलाओं का यह प्रयोग सफल भी रहा है। अब कृषि विभाग आत्मा परियोजना के अंतर्गत नवाचार में बड़ालू और पीपलतड़ गांव में इसका प्रयोग कर रहा है। पूर्व में घिंघरानी गांव से अनानास के पौधे खरीद कर किसानों को बांटे गए। अब कृषि विभाग ने अनानास की क्वीन और क्यू प्रजाति के 600 पौधे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से मंगाकर बड़ालू और पीपलतड़, बगड़ी गांव के किसानों को लगाने को दिए हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी रीतु टम्टा ने बताया कि अभी तक करीब ढाई हेक्टेयर में 2100 पौधे लगाए गए हैं। तीनों जगहों पर 50 से अधिक किसान अनानास की खेती कर रहे हैं। किसानों को पौधे निशुल्क दिए गए हैं। अनानास के नवाचार का यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में अन्य गांवों में भी इसकी खेती की जाएगी।
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बंदर नहीं पहुंचाते हैं नुकसान
पिथौरागढ़। अनानास को बंदर और अन्य जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। कंटीले पेड़ होने से बंदर इससे दूर रह रहे हैं। खेतों कि किनारे उगाने से यह मेड़ का भी काम कर रहे हैं। संवाद
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घिंघरानी गांव घाटी वाले क्षेत्र में है। यहां की महिलाएं अनानास का उत्पादन कर रही हैं। महिलाओं का यह प्रयोग सफल भी रहा है। अब कृषि विभाग आत्मा परियोजना के अंतर्गत नवाचार में बड़ालू और पीपलतड़ गांव में इसका प्रयोग कर रहा है। पूर्व में घिंघरानी गांव से अनानास के पौधे खरीद कर किसानों को बांटे गए। अब कृषि विभाग ने अनानास की क्वीन और क्यू प्रजाति के 600 पौधे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी से मंगाकर बड़ालू और पीपलतड़, बगड़ी गांव के किसानों को लगाने को दिए हैं।
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मुख्य कृषि अधिकारी रीतु टम्टा ने बताया कि अभी तक करीब ढाई हेक्टेयर में 2100 पौधे लगाए गए हैं। तीनों जगहों पर 50 से अधिक किसान अनानास की खेती कर रहे हैं। किसानों को पौधे निशुल्क दिए गए हैं। अनानास के नवाचार का यह प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में अन्य गांवों में भी इसकी खेती की जाएगी।
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बंदर नहीं पहुंचाते हैं नुकसान
पिथौरागढ़। अनानास को बंदर और अन्य जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं। कंटीले पेड़ होने से बंदर इससे दूर रह रहे हैं। खेतों कि किनारे उगाने से यह मेड़ का भी काम कर रहे हैं। संवाद