फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Pandagaon's poem started self-employment at home

पांडेगांव की कविता ने घर में ही शुरू किया स्वरोजगार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Jan 2021 10:41 PM IST
विज्ञापन
Pandagaon's poem started self-employment at home
पांडेगांव में सेनेटरी पैड की पैकिंग करती महिलाएं। - फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। यदि दिल में कुछ कर गुजरने का इरादा हो तो सफलता मिल ही जाती है। यह साबित किया है पांडेगांव की कविता ऐरी ने। घर में ही कोंफीलाइट नाम से सैनेटरी पैड बनाने का उद्यम शुरू करने के बाद वह खुद तो अच्छी कमाई कर ही रही हैं, आठ महिलाओं समेत 15 लोगों को भी उन्होंने रोजगार दे रखा है। वह कहती हैं कि पलायन के बजाय पहाड़ में ही रहकर युवा स्वरोजगार के जरिये अच्छी-खासी कमाई कर सकते हैं।
विज्ञापन

कविता ऐरी मूलरूप से कनालीछीना विकासखंड के छड़नदेव के मठक्वाली गांव की रहने वाली हैं। उनके पति लक्ष्मन ऐरी एसएसबी में हैं और पिथौरागढ़ में तैनात हैं। उन्होंने कुछ समय पूर्व पांडेगांव जगदंबा कॉलोनी में मकान बनाया है। कविता ऐरी कहती हैं कि अपना कुछ काम शुरू करने का वह कई दिनों से इरादा कर रही थी। पति से चर्चा की तो उन्होंने हामी भर दी।
विज्ञापन

इसके बाद करीब छह माह पूर्व उन्होंने 15 लखा की लागत से सैनेटरी पैड का उद्योग शुरू कर दिया। आज वह वे अपने वाहन से चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के अलग-अलग हिस्सों में सस्ते दामों पर सैनेटरी पैड पहुंचा रही हैं। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी और पौड़ी में भी व्यापारियों से संपर्क कर वहां भी सामान की आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा और नैनीताल जिले में भी सैनेटरी पैड की जल्द ही सप्लाई शुरू की जाएगी। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

पिथौरागढ़ में घर-घर जाकर बेचे जा रहे सैनेटरी पैड
कोंफीलाइट नाम से निकाले गए सैनेटरी पैड को युवा और महिलाएं घर-घर जाकर ग्रामीण और नगरीय महिलाओं को सस्ते दामों में उपलब्ध करा रही हैं। इसके अलावा महिलाओं को माहवारी के दौरान बरतीं जाने वाली सावधानियों की जानकारियां भी दे रही हैं। युकां जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर ने बताया कि इस तरह के उद्यम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना चाहिए।

कोविड काल में महिलाओं और युवाओं को मिला रोजगार
पिथौरागढ़। कविता ने कोविड काल में सैनेटरी पैड उद्योग खोलकर रोजगार की आस जगाई है। वर्तमान में उनके साथ उद्योग में आठ महिलाएं और सात युवा काम कर रहे हैं। वह महिलाओं और युवाओं को छह हजार से लेकर 15 हजार रुपये तक वेतन दे रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed