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Uttarakhand: पहाड़ी दरकी...पोकलेन समेत मलबे में दबा ऑपरेटर, दस मिनट बाद मलबे से खुद ही बाहर आ गया चालक

Tue, 09 Jan 2024 05:16 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Updated Tue, 09 Jan 2024 05:16 PM IST
सार

पिथौरागढ़ के धारचूला के घटखोला में रविवार देर सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान अचानक पहाड़ी दरकने से हिलवेज कंपनी का चालक मय पोकलेन मलबे में दब गया। करीब 10 मिनट बाद चालक मलबे से खुद ही बाहर आ गया। उसके बाहर आते ही अन्य साथियों ने राहत की सांस ली।

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Pahari Darki operator buried under debris along with Poklane, narrowly escaped
धारचूला के घटखोला में पहाड़ी दरकने से बंद सड़क को खोलती जेसीबी। संवाद

विस्तार

धारचूला के घटखोला में रविवार देर सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान अचानक पहाड़ी दरकने से हिलवेज कंपनी का चालक मय पोकलेन मलबे में दब गया। करीब 10 मिनट बाद चालक मलबे से खुद ही बाहर आ गया। उसके बाहर आते ही अन्य साथियों ने राहत की सांस ली।

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इन दिनों बलुवाकोट के बिन्या गांव से तवाघाट तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। बीती रात करीब दो बजे घटखोला के पास कार्य चल रहा था। इस बीच अचानक पहाड़ी दरक गई और पोकलेन ऑपरेटर चंपावत निवासी 22 वर्षीय कैलाश सामंत वाहन समेत मलबे में दब गया। काफी मशक्कत के बाद चालक खुद ही किसी तरह से बाहर निकल आया।
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घायल अवस्था में ऑपरेटर को सीएचसी धारचूला लाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी। इधर भारी मलबे के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग रात से ही बंद होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कंपनी के कर्मचारी मलबा और बोल्डर हटाकर बंद रास्ते को खोलने में जुटे हैं। संवाद
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रांथी बोरा के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
निर्माणाधीन रांथी बोरा गांव मोटर मार्ग को 2015 के सर्वे के आधार पर बनाने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सोमवार को मान सिंह बोरा के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय में प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम मंजीत सिंह को ज्ञापन सौंपकर सड़क को कोठमा, पशुफारम, बोरा गांव, जीआईसी रांथी और एएनएम सेंटर से जोड़ने की मांग की। कहा कि इससे दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीणों को भी लाभ मिल सकेगा। प्रदर्शन करने वालों में जगत सिंह, धीरज बोरा, नीरज बोरा, ईश्वर सिंह, दीपक बोरा समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। 

 

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मणकनाली-सुरखाल पाठक सड़क के लिए ग्रामीण मुखर
पिथौरागढ़ के मणकनाली से सुरखाल पाठक तक 12 किमी सड़क बनाने की मांग की मांग को लेकर ग्रामीण मुखर हो गए है। ग्रामीणों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज जल्द सड़क बनाने की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक सड़क का बनाने का काम शुरू नहीं हो जाता, जनता आने वाले सभी चुनाव का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगी।


चमलेख, कोलिया, गानुरा, बहेलकोट, गंतोला, अनरगांव, तल्ला खोलिया और मल्ला खोलिया के ग्रामीण सोमवार को तहसील पहुंचे और एसडीएम भगत सिंह फोनिया को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि दो वर्ष पूर्व 151 दिन क्रमिक अनशन, एक हफ्ते आमरण अनशन करने के बाद भी सड़क बनाने का मात्र आश्वासन ही मिला। मुख्यमंत्री ने गंगोलीहाट भ्रमण के दौरान सड़क बनाने की घोषणा की थी। भारत सरकार और वन विभाग की ओर से पांच किमी सड़क बनाने की स्वीकृति मिलने के बाद भी सड़क काटने का काम शुरू नहीं हो पाया।


लोनिवि की ओर से सड़क निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी गई है। ग्रामीणों ने नाप भूमि का मुआवजा नहीं लेने का शपथपत्र भी शासन को दिया है। बावजूद इसके शासन से सड़क बनाने के लिए धनराशि नहीं मिली। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर जनता को ठगने का आरोप लगाया है। ज्ञापन देने वालों में बनेला गांव के प्रधान गोपाल सिंह, प्रधान दीपा देवी शंकर सिंह, निर्मला देवी, केसर सिंह, राजेंद्र सिंह, पुष्कर सिंह, जगत सिंह आदि शामिल रहे।

ग्रामीणों ने लगाई सड़क सुधारीकरण की गुहार
पिथौरागढ़ विकासखंड के गौरीहाट से दौली गांव को जोड़ने वाली सड़क खस्ताहाल है। ग्रामीणों ने बैठक कर सड़क के सुधारीकरण की मांग की है। उन्होंने जल्द सुधारीकरण नहीं किए जाने पर लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की चेतावनी दी है। दोली के ग्रामीण रविवार को गांव के मैदान में एकत्र हुए और प्रशासन से बदहाल सड़क के सुधारीकरण की गुहार लगाई। ग्राम प्रधान राधा भट्ट ने बताया कि वर्ष 1997 में गांव के लिए आरईएस ने सड़क काटी थी। इसके बाद खनन न्यास से 2020-21 में 72 लाख रुपये व्यय कर सड़क का चौड़ीकरण कराया गया। बावजूद इसके आज भी सड़क बदहाल स्थिति में है।


इस कारण वाहन चालकों के साथ ही ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बीमारी की स्थिति में बुजुर्ग और गर्भवती को मुख्य सड़क तक ले जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने डीएम से सड़क की हालत सुधारे जाने की मांग की है। वहां चंद्रशेखर भट्ट, बंशीधर भट्ट, प्रकाश भट्ट, अर्जुन चंद, कविराज भट्ट आदि मौजूद रहे। 

दूतीबगड़ से गानागांव तक सड़क निर्माण की मांग
जौलजीबी के दूतीबगड़ से गानागांव तक आठ किमी सड़क की स्वीकृति की मांग के लिए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एसडीएम से मिला। जिला महिला सशक्तीकरण की संयोजक भाजपा नेता लीला बनंग्याल के नेतृत्व में एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि गानागांव में रहने वाले राजि जनजाति के लोग दूध, अनाज और सूखी लकड़ी बेचने जौलजीबी बाजार जाते हैं। यह गांव अभी तक सड़क मार्ग से नहीं जुड़ पाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत किमखोला-गानागांव को लिंक न करने के बजाय दूतीबगड़ से गानागांव तक सड़क निर्माण करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में कमला देवी, गोविंदी देवी, सुरेश सिंह, प्रताप सिंह, चंद्र सिंह, शेर सिंह, कैलाश सिंह, हरीश सिंह, कल्याण सिंह, कलावती देवी, ललिता देवी आदि ग्रामीण शामिल रहे। 

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