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Pithoragarh News: जिला अस्पताल में ऑपरेशन ठप, दर्द से कराहने के लिए मजबूर मरीज
Thu, 22 Oct 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 22 Oct 2026 11:01 PM IST
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पिथौरागढ़। प्रशासन के अजीब फैसलों के चलते जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में एक भी फिजिशियन न होने से बुखार, टाइफाइड, निमोनिया और सांस के गंभीर मरीज बेहाल हैं। वहीं सर्जन और एनेस्थीसिया (बेहोशी) विशेषज्ञ के न होने से 15 से अधिक ऑपरेशन अटक गए हैं जिससे मरीज दर्द में रहने के लिए मजबूर हैं।
दरअसल, जिला अस्पताल में तैनात तीन फिजिशियन में से दो अवकाश पर हैं। एकमात्र फिजिशियन को भी बीते बुधवार से आदि कैलाश में आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन की ड्यूटी में भेज दिया गया। वहीं एक सर्जन और बेहोशी के डॉक्टर को भी आदि कैलाश भेजा गया है जबकि बेहोशी के दो डॉक्टर महिला अस्पताल में रात्रि और दिन की ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि महिला अस्पताल में किसी भी समय गर्भवतियों के सिजेरियन ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है। इन हालात में जिला अस्पताल में एक भी फिजिशियन न होने से मरीज बेहाल हैं।
वहीं अस्पताल में तैनात दूसरे सर्जन के लिए बगैर बेहोशी के डॉक्टर के ऑपरेशन करना मुश्किल है। ऐसे में जिला अस्पताल में ऑपरेशन अटक गए हैं। अस्पताल में रोजाना तीन से चार ऑपरेशन होते हैं। सर्जन तो उपलब्ध हैं लेकिन बेहोशी का डॉक्टर न होने से मरीजों को अगली डेट देना मजबूरी बन गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते बृहस्पतिवार गंगोलीहाट की पुष्पा देवी का पित्त की थैली में पथरी तो पूरन सिंह का हर्निया का ऑपरेशन होना था। दोनों ही लंबे समय से गंभीर दर्द से जूझते हुए ऑपरेशन की तिथि का इंतजार कर रहे थे। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन ने दोनों को ऑपरेशन के लिए फोन कर बुलाया। जब सर्जन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि एकमात्र बेहोशी के डॉक्टर को आदि कैलाश भेज दिया है तो उन्हें ऑपरेशन रोकते हुए दोनों मरीजों को अस्पताल न आने की सलाह देनी पड़ी। ऐसे में दोनों मरीज घर पर दर्द से कराहते हुए सिस्टम के अजब फैसले पर हैरानी जता रहे हैं।
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रेडियोलॉजिस्ट का अवकाश खत्म होने से राहत
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने से नौ दिन बाद अल्ट्रासाउंड शुरू हुए हैं इससे मरीजों में राहत है। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटते ही बड़ी संख्या में मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने से मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने से शुक्रवार यानी आज महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड शिविर लगेगा इससे गर्भवतियों को राहत मिलेगी। संवाद
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रात और दिन की ड्यूटी के लिए बेहोशी के दो डॉक्टरों को महिला अस्पताल में तैनात किया गया है ताकि अस्पताल में समय पर सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचाई जा सके। जिला अस्पताल में तैनात बेहोशी के डॉक्टर ड्यूटी के लिए आदि कैलाश गए हैं। ऐसे में ऑपरेशन करने में दिक्कत आ रही है। फिजिशियन, सर्जन और बेहोशी के डॉक्टरों के लौटने पर व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। -डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़
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दरअसल, जिला अस्पताल में तैनात तीन फिजिशियन में से दो अवकाश पर हैं। एकमात्र फिजिशियन को भी बीते बुधवार से आदि कैलाश में आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन की ड्यूटी में भेज दिया गया। वहीं एक सर्जन और बेहोशी के डॉक्टर को भी आदि कैलाश भेजा गया है जबकि बेहोशी के दो डॉक्टर महिला अस्पताल में रात्रि और दिन की ड्यूटी कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कि महिला अस्पताल में किसी भी समय गर्भवतियों के सिजेरियन ऑपरेशन करने की जरूरत पड़ती है। इन हालात में जिला अस्पताल में एक भी फिजिशियन न होने से मरीज बेहाल हैं।
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वहीं अस्पताल में तैनात दूसरे सर्जन के लिए बगैर बेहोशी के डॉक्टर के ऑपरेशन करना मुश्किल है। ऐसे में जिला अस्पताल में ऑपरेशन अटक गए हैं। अस्पताल में रोजाना तीन से चार ऑपरेशन होते हैं। सर्जन तो उपलब्ध हैं लेकिन बेहोशी का डॉक्टर न होने से मरीजों को अगली डेट देना मजबूरी बन गया है। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक बीते बृहस्पतिवार गंगोलीहाट की पुष्पा देवी का पित्त की थैली में पथरी तो पूरन सिंह का हर्निया का ऑपरेशन होना था। दोनों ही लंबे समय से गंभीर दर्द से जूझते हुए ऑपरेशन की तिथि का इंतजार कर रहे थे। जिला अस्पताल में तैनात सर्जन ने दोनों को ऑपरेशन के लिए फोन कर बुलाया। जब सर्जन अस्पताल पहुंचे तो उन्हें जानकारी मिली कि एकमात्र बेहोशी के डॉक्टर को आदि कैलाश भेज दिया है तो उन्हें ऑपरेशन रोकते हुए दोनों मरीजों को अस्पताल न आने की सलाह देनी पड़ी। ऐसे में दोनों मरीज घर पर दर्द से कराहते हुए सिस्टम के अजब फैसले पर हैरानी जता रहे हैं।
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रेडियोलॉजिस्ट का अवकाश खत्म होने से राहत
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने से नौ दिन बाद अल्ट्रासाउंड शुरू हुए हैं इससे मरीजों में राहत है। रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटते ही बड़ी संख्या में मरीज अल्ट्रासाउंड के लिए जिला अस्पताल पहुंचे। भीड़ अधिक होने से मरीजों को अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा। वहीं रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने से शुक्रवार यानी आज महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड शिविर लगेगा इससे गर्भवतियों को राहत मिलेगी। संवाद
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रात और दिन की ड्यूटी के लिए बेहोशी के दो डॉक्टरों को महिला अस्पताल में तैनात किया गया है ताकि अस्पताल में समय पर सिजेरियन ऑपरेशन कर जच्चा-बच्चा की जान बचाई जा सके। जिला अस्पताल में तैनात बेहोशी के डॉक्टर ड्यूटी के लिए आदि कैलाश गए हैं। ऐसे में ऑपरेशन करने में दिक्कत आ रही है। फिजिशियन, सर्जन और बेहोशी के डॉक्टरों के लौटने पर व्यवस्था पटरी पर आ जाएगी। -डॉ. डीपी सिंह, पीएमएस, जिला अस्पताल, पिथौरागढ़