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रातीगाड़ में दो दिन से बंद है थल-मुनस्यारी सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, नाचनी
Updated Fri, 24 Aug 2018 11:04 PM IST
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थल-मुनस्यारी सड़क बंद होने से रातीगाड़ में इस तरह हो रहा आवागमन
- फोटो : अमर उजाला
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थल-मुनस्यारी सड़क पर दूसरे दिन भी आवागमन ठप रहा। रातीगाड़ में लगातार हो रहे भूस्खलन से स्थिति खतरनाक बनी है। दूसरे दिन लोनिवि को 30 मीटर तक मलबा हटाने में सफलता मिली। अभी सड़क से 40 मीटर मलबा और हटाया जाना है। वहीं, मुनस्यारी को राशन लेकर जाने वाले वाहन और एक आईटीबीपी का वाहन फंसा है। सड़क बंद होने से लोगों को खासी दिक्कतें हो रही हैं।
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थल-मुनस्यारी सड़क 22 अगस्त की शाम सात बजे से रातीगाड़ पर भारी मात्रा में मलबा गिरने से बंद है। लोनिवि की जेसीबी बीते दिन से सड़क खोलने में लगी है। सड़क को जितना खोला जा रहा है, उतना ही मलबा पहाड़ी से फिर गिर रहा है। लोनिवि के जेई योगेश चौबे के निर्देशन पर शुक्रवार को सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। सुबह के समय तेज बारिश होने से कार्य में व्यवधान हुआ। बाद में 12 बजे बाद हल्की धूप निकलने पर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया।
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शाम तक 30 मीटर सड़क से मलबा हटा दिया गया। अब शनिवार दोपहर बाद ही सड़क खुलने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, सड़क बंद होने से ग्रामीणों को 150 मीटर की दूरी पार करने के लिए जंगल के बीच से एक किमी की खड़ी चढ़ाई पर फिसलन भरे रास्ते से आवागमन करना पड़ रहा है। क्वीटी, मडलकिया गांवों के लोग जरूरी कार्यों के लिए नाचनी नहीं पहुंच पा रहे हैं।
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पहाड़ी के बेस को काट रही रामगंगा
पिथौरागढ़। रातीगाड़ के पास रामगंगा नदी पहाड़ी के बेस को लगातार काट रही है। ऊपर की पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूवैज्ञानिक प्रदीप कुमार का कहना है कि पहाड़ी के ऊपरी क्षेत्र से बरसात में पानी आ रहा है। पहाड़ के अंदर का पानी बाहर निकल रहा है। पहाड़ के अंदर काफी नमी है, जिसका कोई उपचार नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर रामगंगा कटिंग कर रही है, वहां मजबूत दीवार लगानी पड़ेगी। साथ ही इसके पास बहने वाले नाले का भी उपचार करना पड़ेगा। बगैर रामगंगा के चैनलाइज के भूकटाव नहीं रोका जा सकता है।
11 केवी विद्युत लाइन के चार डबल पोल बहे
नाचनी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से रामगंगा का कटाव क्षेत्र बढ़ रहा है। इस कारण यूपीसीएल की 11 केवी होकरा-गौला लाइन के देकुना गांव के पास लाछुली तोक में चार डबल पोल बह गए। अन्य कई पोलों को भी खतरा हो गया है। पोल बहने से होकरा, गौला और खोयम गांव की करीब चार हजार की आबादी परेशान है। यूपीसीएल के अवर अभियंता मुकेश सिंह ने बताया कि होकरा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सामान्य करने में एक सप्ताह तक का समय लग सकता है।
सीमांत में जमकर बरस रहे मेघ
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बारिश का क्रम रुक-रुक कर जारी है। जिला मुख्यालय में जहां बारिश कम है, वहीं दो-तीन किमी दूर पुनेड़ी के जंगल, मड़खड़ायत आदि स्थानों पर खूब बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में गंगोलीहाट में 27.3, बेड़ीनाग में 8, डीडीहाट में 19.2, धारचूला में सर्वाधिक 50.2 और मुनस्यारी में 14 एमएम बारिश हुई।