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पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश से जन जीवन अस्त व्यस्त चार ग्रामीण सड़कें बंद
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चुपकोट के पास मलबा आने से ऑलवेदर सड़क बंद हो गई।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण नदियों और गाड़-गधेरों का जलस्तर बढ़ गया है।
भारी बारिश के दौरान बारहमासी सड़क तीन घंटे और कनालीछीना के पास मलबा आने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच दो घंटे तक बंद रहा। भारी मात्रा में मलबा अटकने के कारण चार ग्रामीण सड़कें भी 24 घंटे से बंद हैं।
सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार रात झमाझम बारिश हुई। बेड़ीनाग में सर्वाधिक 47 मिमी बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33, डीडीहाट में 31, मुनस्यारी और गंगोलीहाट में चार मिमी और धारचूला में 0.80 मिमी बारिश हुई।
इस कारण चुपकोट के पास मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट ऑलवेदर सड़क तीन घंटे तक बंद रही। इस कारण लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय आदि क्षेत्रों के लिए दूध, सब्जी, रसोई गैस के वाहन समय से नहीं पहुंच पाए।
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सात बजे सड़क से मलबा हटाकर एनएच खंड वाहनों की आवाजाही शुरू करा पाया। पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर कनालीछीना के पास मलबा आने से एनएच दो घंटे बंद रहा है।
इसमें धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट आदि क्षेत्रों को जाने वाले वाहन फंसे रहे। भारी बारिश के चार ग्रामीण सड़कें जौलजीबी-अमतड़ी, पीपली-द्वालीसेरा, नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-गूंठी सड़क बंद रही। ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों के बंद होने से लोग काफी परेशान हैं।
लोगों ने शीघ्र सड़कों को खोलने की मांग की है। इधर नगरीय क्षेत्र में रई पुल के पास जलभराव होने से लोग बहुत परेशान हैं। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है।
कैसी बारहमासी सड़क जो बार-बार बंद हो रही
पिथौरागढ़। बरसात से पहले बारिश शुरू होते ही बारहमासी सड़क कई बार बंद हो जा रही है। लोगों का कहना है कि ये कैसी बारहमासी सड़क है जो किसी भी मौसम में सुचारु नहीं रहती है। एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाना जरूरी है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
नदियों और गाड़-गधेरों का जलस्तर बढ़ने लगा
पिथौरागढ़। जेठ में ही बेमौसमी बारिश शुरू होने से गाड़-गधेरों और नदियों का जलस्तर बढ़ने लग गया है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है। हालांकि बारिश के बाद घाटी वाले क्षेत्रों में लोगों को कुछ हद तक गर्मी से निजात मिली है।
पिथौरागढ़ में हुई बारिश (मिमी में)
बेड़ीनाग- 47.00
पिथौरागढ़- 33.00
डीडीहाट- 31.00
मुनस्यारी- 4.0
गंगोलीहाट- 4.0
धारचूला- 0.80
साढ़े छह घंटे टनकपुर में फंसे रहे पहाड़ जाने वाले वाहन
टनकपुर (चंपावत)। बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग कई जगह बंद हो गया। इससे मैदान से पहाड़ की ओर जाने वाले वाहन करीब साढ़े छह घंटे टनकपुर में फंसे रहे। इससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा।
बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश सुबह करीब साढ़े आठ बजे थमी, लेकिन कई जगह मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग सुबह से ही बंद रहा। मार्ग बंद होने की सूचना पर पुलिस ने पहाड़ जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया।
पर्वतीय क्षेत्र में जरूरी सामान ले जा रहे वाहनों के साथ ही यात्री वाहन भी करीब साढ़े छह घंटे तक टनकपुर से आगे नहीं बढ़ पाए। इस कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
कुछ यात्री ककरालीगेट से लौटकर बाजार में आकर ठहरे तो कुछ ककरालीगेट बैरियर पर ही मार्ग खुलने की प्रतीक्षा करते रहे। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि मार्ग खुलने की सूचना पर दोपहर करीब 12:30 बजे टनकपुर से पहाड़ जाने वाले वाहनों को छोड़ा गया।
पिछले 24 घंटों में बनबसा में 10 मिमी वर्षा
बनबसा (चंपावत)। पिछले 24 घंटों में बनबसा क्षेत्र में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा होने से क्षेत्र का तापमान पिछले तीन दिनों की अपेक्षा कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटेंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बनबसा में 10 मिमी वर्षा हुई।
उन्होंने बताया कि शारदा नदी में इन दिनों 8449 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। इसमें से 7945 क्यूसेक शारदा नहर में और 154 क्यूसेक नेपाल चैनल में सिंचाई को छोड़ा जा रहा है।
बताया कि शेष 350 क्यूसेक पानी बैराज से डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि इन दिनों शारदा नदी के प्रतिदिन के जलस्तर की जानकारी से यूपी सिंचाई विभाग के अलावा चंपावत प्रशासन, बनबसा पुलिस, पीलीभीत प्रशासन को दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि एक जून से 15 अक्तूबर तक सुरक्षा के तहत नदी तट, नदी में जाने की मनाही है। वहीं नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ने पर बैराज से वाहनों के संचालन पर भी रोक रहेगी।
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भारी बारिश के दौरान बारहमासी सड़क तीन घंटे और कनालीछीना के पास मलबा आने से पिथौरागढ़-धारचूला एनएच दो घंटे तक बंद रहा। भारी मात्रा में मलबा अटकने के कारण चार ग्रामीण सड़कें भी 24 घंटे से बंद हैं।
सीमांत जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार रात झमाझम बारिश हुई। बेड़ीनाग में सर्वाधिक 47 मिमी बारिश हुई। पिथौरागढ़ में 33, डीडीहाट में 31, मुनस्यारी और गंगोलीहाट में चार मिमी और धारचूला में 0.80 मिमी बारिश हुई।
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इस कारण चुपकोट के पास मलबा आने से पिथौरागढ़-घाट ऑलवेदर सड़क तीन घंटे तक बंद रही। इस कारण लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय आदि क्षेत्रों के लिए दूध, सब्जी, रसोई गैस के वाहन समय से नहीं पहुंच पाए।
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सात बजे सड़क से मलबा हटाकर एनएच खंड वाहनों की आवाजाही शुरू करा पाया। पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर कनालीछीना के पास मलबा आने से एनएच दो घंटे बंद रहा है।
इसमें धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट आदि क्षेत्रों को जाने वाले वाहन फंसे रहे। भारी बारिश के चार ग्रामीण सड़कें जौलजीबी-अमतड़ी, पीपली-द्वालीसेरा, नाचनी-बांसबगड़, नाचनी-गूंठी सड़क बंद रही। ग्रामीण क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों के बंद होने से लोग काफी परेशान हैं।
लोगों ने शीघ्र सड़कों को खोलने की मांग की है। इधर नगरीय क्षेत्र में रई पुल के पास जलभराव होने से लोग बहुत परेशान हैं। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है।
कैसी बारहमासी सड़क जो बार-बार बंद हो रही
पिथौरागढ़। बरसात से पहले बारिश शुरू होते ही बारहमासी सड़क कई बार बंद हो जा रही है। लोगों का कहना है कि ये कैसी बारहमासी सड़क है जो किसी भी मौसम में सुचारु नहीं रहती है। एनएच के ईई एलडी मथेला का कहना है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा दीवारों का निर्माण किया जाना जरूरी है। इसके लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
नदियों और गाड़-गधेरों का जलस्तर बढ़ने लगा
पिथौरागढ़। जेठ में ही बेमौसमी बारिश शुरू होने से गाड़-गधेरों और नदियों का जलस्तर बढ़ने लग गया है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे न जाने की अपील की है। हालांकि बारिश के बाद घाटी वाले क्षेत्रों में लोगों को कुछ हद तक गर्मी से निजात मिली है।
पिथौरागढ़ में हुई बारिश (मिमी में)
बेड़ीनाग- 47.00
पिथौरागढ़- 33.00
डीडीहाट- 31.00
मुनस्यारी- 4.0
गंगोलीहाट- 4.0
धारचूला- 0.80
साढ़े छह घंटे टनकपुर में फंसे रहे पहाड़ जाने वाले वाहन
टनकपुर (चंपावत)। बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग कई जगह बंद हो गया। इससे मैदान से पहाड़ की ओर जाने वाले वाहन करीब साढ़े छह घंटे टनकपुर में फंसे रहे। इससे यात्रियों को खासा परेशान होना पड़ा।
बुधवार रात हुई मूसलाधार बारिश सुबह करीब साढ़े आठ बजे थमी, लेकिन कई जगह मलबा आने से टनकपुर-चंपावत राजमार्ग सुबह से ही बंद रहा। मार्ग बंद होने की सूचना पर पुलिस ने पहाड़ जाने वाले वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया।
पर्वतीय क्षेत्र में जरूरी सामान ले जा रहे वाहनों के साथ ही यात्री वाहन भी करीब साढ़े छह घंटे तक टनकपुर से आगे नहीं बढ़ पाए। इस कारण यात्रियों को परेशान होना पड़ा।
कुछ यात्री ककरालीगेट से लौटकर बाजार में आकर ठहरे तो कुछ ककरालीगेट बैरियर पर ही मार्ग खुलने की प्रतीक्षा करते रहे। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि मार्ग खुलने की सूचना पर दोपहर करीब 12:30 बजे टनकपुर से पहाड़ जाने वाले वाहनों को छोड़ा गया।
पिछले 24 घंटों में बनबसा में 10 मिमी वर्षा
बनबसा (चंपावत)। पिछले 24 घंटों में बनबसा क्षेत्र में 10 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वर्षा होने से क्षेत्र का तापमान पिछले तीन दिनों की अपेक्षा कम होने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स के प्रभारी बैराज अटेंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे से बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक बनबसा में 10 मिमी वर्षा हुई।
उन्होंने बताया कि शारदा नदी में इन दिनों 8449 क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। इसमें से 7945 क्यूसेक शारदा नहर में और 154 क्यूसेक नेपाल चैनल में सिंचाई को छोड़ा जा रहा है।
बताया कि शेष 350 क्यूसेक पानी बैराज से डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बृजेश मौर्य ने बताया कि इन दिनों शारदा नदी के प्रतिदिन के जलस्तर की जानकारी से यूपी सिंचाई विभाग के अलावा चंपावत प्रशासन, बनबसा पुलिस, पीलीभीत प्रशासन को दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि एक जून से 15 अक्तूबर तक सुरक्षा के तहत नदी तट, नदी में जाने की मनाही है। वहीं नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसेक से बढ़ने पर बैराज से वाहनों के संचालन पर भी रोक रहेगी।