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बांध से पानी छोड़ने की जानकारी नेपाल को भी दें
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Fri, 20 May 2016 10:58 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल के अधिकारियों ने कहा कि यदि एनएचपीसी छिरकिला बांध का पानी छोड़ती है तो उसकी जानकारी उनको भी दी जाए, क्योंकि महाकाली के किनारे चल रहे तटबंध निर्माण के काम को नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नुकसान पहुंचता है। एनएचपीसी के अधिकारी भारतीय अधिकारियों को तो पानी छोड़ने के बारे में अग्रिम जानकारी देते हैं, लेकिन नेपाल के अधिकारियों को इसका पता नहीं चलता। नेपाल सरकार भी महाकाली के किनारे तटबंधों के निर्माण का काम कर रही है। 2013 की आपदा के समय नेपाल को भी भारी नुकसान पहुंचा था।
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नेपाल के दार्चुला प्रशासन और काली नदी पर बाढ़ सुरक्षा कार्य में लगे नेपाल जल उत्पन्न प्रकोप व्यवस्थापन विभाग के अधिकारियों ने एसडीएम एसके पांडेय से मिलकर एनएचपीसी द्वारा छिरकिला डैम का पानी छोड़ने के समय की जानकारी दने की मांग की। कहा कि बांध से पानी छोड़ने के शेड्यूल की जानकारी नहीं मिलने से कई बार निर्माण कार्य को नुकसान होता है। दार्चुला के नायब तहसीलदार चंदर धामी ने कहा कि छिरकिला डैम का पानी छोड़ने से महाकाली का जलस्तर बढ़ जाता है। नेपाल की तरफ नदी के किनारे हो रहे निर्माण कार्य इससे प्रभावित होते हैं।
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एसडीएम ने एनएचपीसी के अफसरों से कहा कि बांध से पानी छोड़ने के समय की जानकारी भारतीय एवं नेपाली दोनों एजेंसियों को दी जाए। इस दौरान नेपाल से जल उत्पन्न प्रकोप व्यवस्थापन विभाग के इंजीनियर मुकेश पाठक, वित्त लेखाधिकारी विरेंद्र बहादुर बम, सीओ हिमांशु साह और थाना प्रभारी रमेश सिंह मौजूद थे।
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