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Pithoragarh News: भारत-चीन सीमा पर स्थित अपने अंतिम गांव तक पहुंच बनाने में जुटा है नेपाल

Sun, 10 Dec 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 10 Dec 2023 10:50 PM IST
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Nepal is busy reaching its last village located on the India-China border.
पिथौरागढ़। भारत के लिपुलेख तक सड़क पहुंचाने के बाद पड़ोसी देश नेपाल भी भारत और चीन सीमा के निकट स्थित अपने अंतिम गांव तिंकर और छांगरू के लिए तेजी से सड़क निर्माण में जुटा हुआ है। काठमांडो-महाकाली कारीडोर नाम से बनाई जा रही लगभग 87 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के बाद नेपाल की भारत और चीन सीमा तक सीधी पहुंच हो जाएगी।
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भारत, नेपाल और चीन तीन देशों की सीमा के निकट स्थित नेपाल के दो गांवों तिंकर और छांगरू तक पहुंचने के लिए नेपाल के पास सड़क तो दूर पैदल रास्ता भी नहीं है। इन दोनों माइग्रेशन वाले गांवों तक जाने के लिए आज भी नेपाल के परिवार भारतीय क्षेत्र से ही आवागमन करते हैं। माइग्रेशन वाले यह परिवार अपने जानवरों के साथ गर्ब्यांग गांव में काली नदी पर बने सीतापुल से आवाजाही करते हैं। जबकि इस क्षेत्र में स्थित बीओपी में तैनात नेपाली सैनिक और अधिकारी हेलीकॉप्टर से ही आवागमन करते हैं।
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भारत वर्ष 2020 में लिपुलेख तक सड़क बनाकर अपनी पहुंच बना चुका है। भारत के चीन सीमा तक सड़क बनाने के बाद नेपाल ने भी इस सीमा पर स्थित अपने अंतिम दो गांवों के लिए सड़क निर्माण शुरू किया है। सूत्रों के अनुसार नेपाल अब तक 25 किलोमीटर से अधिक सड़क की कटिंग कर चुका है। सड़क कटिंग के लिए अलग-अलग स्थानों पर मशीनें लगाई गई हैं। संवाद
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आसान नहीं कठोर चट्टानों को काटकर सड़क बनाना

पिथौरागढ़। नेपाल के लिए अपने अंतिम गांवों तक सड़क निर्माण करना आसान नहीं है। भारत और नेपाल का सीमांकन करने वाली काली नदी के इस ओर धारचूला- लिपुलेख सड़क है तो काली नदी के उस ओर नेपाल सड़क बना रहा है। जिस तरह से भारत के सामने घट्टाबगड़ से लिपुलेख के लिए सड़क निर्माण करने में कठोर चट्टानें बाधा बनीं उसी तरह से नेपाल के लिए भी पहाड़ियों को काटकर सड़क बनाना चुनौती साबित हो रहा है। सूत्रों के अनुसार नेपाल के लिए लगभग 30 किलोमीटर हिस्से में सड़क काटने में सबसे अधिक कठिनाई होगी।

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पिथौरागढ़ जिले से लगती है नेपाल की 185 किलोमीटर लंबी सीमा
पिथौरागढ़। उत्तराखंड की लगभग 275 किलोमीटर जबकि पिथौरागढ़ जिले की 185 किलोमीटर सीमा नेपाल से लगती है। पिथौरागढ़ से लगे नेपाल के बैतड़ी और दार्चुला जिले पहले ही सड़क से जुड़ चुके हैं। अब नेपाल दार्चुला से अपने अंतिम गांव तक सड़क निर्माण करने में जुटा हुआ है। इस सड़क का निर्माण करने से नेपाल के सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हो जाएगी। इसके अलावा उत्तराखंड की (पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और चमोली जिले ) की 350 किलोमीटर लंबी सीमा चीन से लगी है। चीन पहले ही इन सीमाओं तक हाइटेक सड़कें बना चुका है।
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