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सीएचसी में न ओटी और न डिजिटल एक्सरे
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डीडीहाट सीएचसी के इंजेक्शन कक्ष में मरीज की हड्डी को जोड़ते हड्डी रोग विशेषज्ञ। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जिले का एकमात्र फर्स्ट रेफरल सेंटर होेने के बावजूद डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अब भी कई आधुनिक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। कई सालों के बाद सीएचसी को हड्डी रोग विशेषज्ञ तो मिला लेकिन उनके पास एक आधुनिक ओटी (ऑपरेशन थियेटर) और डिजिटल एक्सरे तक नहीं है।
डीडीहाट की सीएचसी के पास करीब पचास हजार से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है लेकिन राज्य गठन के बाद अब तक इस अस्पताल के पास पूरे डॉक्टर तक नहीं है। पांच साल से अधिक समय से बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं है। हालांकि दो माह पहले पहली बार इस अस्पताल को आर्थोपेडिक सर्जन तो मिला लेकिन उनके पास मरीजों की टूटी हड्डी जोड़ने के लिए कोई ओटी नहीं हैं और न कोई तकनीकी स्टाफ ही है जिस कारण गंभीर मरीजों को पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ अमरीश कुमार इंजेक्शन कक्ष में मरीजों की हड्डी को जोड़ने का काम कर रहे हैं। वहीं डिजिटल एक्सरे नहीं होने से भी उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. फुरकान मिकरानी ने बताया कि आर्थोपेडिक सर्जन को मरीजों के इलाज के लिए एक ओटी और डिजिटल एक्सरे के लिए स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है।
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डीडीहाट की सीएचसी के पास करीब पचास हजार से अधिक की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा है लेकिन राज्य गठन के बाद अब तक इस अस्पताल के पास पूरे डॉक्टर तक नहीं है। पांच साल से अधिक समय से बाल रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति नहीं है। हालांकि दो माह पहले पहली बार इस अस्पताल को आर्थोपेडिक सर्जन तो मिला लेकिन उनके पास मरीजों की टूटी हड्डी जोड़ने के लिए कोई ओटी नहीं हैं और न कोई तकनीकी स्टाफ ही है जिस कारण गंभीर मरीजों को पिथौरागढ़ जाना पड़ रहा है।
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हड्डी रोग विशेषज्ञ अमरीश कुमार इंजेक्शन कक्ष में मरीजों की हड्डी को जोड़ने का काम कर रहे हैं। वहीं डिजिटल एक्सरे नहीं होने से भी उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. फुरकान मिकरानी ने बताया कि आर्थोपेडिक सर्जन को मरीजों के इलाज के लिए एक ओटी और डिजिटल एक्सरे के लिए स्वास्थ्य विभाग को कहा गया है।
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