{"_id":"578facef4f1c1b1a7fc4c065","slug":"negligence-helpless-woman-sentenced-to-department","type":"story","status":"publish","title_hn":"लापरवाही विभाग की सजा लाचार महिला को","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लापरवाही विभाग की सजा लाचार महिला को
कुंदन मेहता/अमर उजाला, गणाईगंगोली
Updated Wed, 20 Jul 2016 10:25 PM IST
विज्ञापन
तारा देवी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विभागीय लापरवाही का खामियाजा ग्वाड़ी निवासी तारा देवी (38) को भुगतना पड़ रहा है। 4 अप्रैल 2016 को तारा देवी के पति चंदन सिंह की चट्टान से गिरने से मौत हो गई थी। उसके तीन बच्चे हैं। परिवार के एकलौते कमाऊ व्यक्ति की मौत से परिवार बुरी तरह बिखर गया। परिवार के भूखे मरने की नौबत आ पड़ी है। महिला को सरकार की जनश्री बीमा से कुछ उम्मीद थी, लेकिन वह भी धराशायी होती दिख रही है। वजह महिला के परिवार का बीपीएल क्रमांक में नाम न होने से उसे योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
गरीब तारा देवी का मकान क्षतिग्रस्त है। कक्षा 10 में पढ़ने वाली लड़की प्रियंका और कक्षा 8 में पढ़ने वाले लड़के सौरभ के भरण-पोषण की पूरी जिम्मेदारी तारा देवी पर आ गई है। तारा की बड़ी लड़की नेहा का विवाह हो गया है। तारा देवी जनश्री बीमा का लाभ लेने के लिए विकासखंड कार्यालय के कई चक्कर काट चुकी हैं। बीमा के तहत मिलने वाली 60,000 रुपये की धनराशि के लिए वह दर-दर भटक रही है। कहती हैं कि परिवार का बीपीएल क्रमांक 3129 था। छह साल पहले इसी क्रमांक से उनकी सास की वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत हुई थी। अब बीपीएल क्रमांक में नाम न होने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
इस बाबत खंड विकास अधिकारी संतोष पंत का कहना है कि उस परिवार का बीपीएल क्रमांक में नाम नहीं है। बीपीएल क्रमांक के लिए तीन महीने बाद सर्वे होगा। तब बीमा के लिए आवेदन किया जा सकेगा। नाम कैसे हटा बीडीओ के पास कोई उत्तर नहीं है। तीन महीने बाद तारा के पति की मृत्यु को छह माह हो जाते हैं। मृत्यु के छह माह के भीतर ही बीमा के लिए आवेदन किया जाता है। इस तरह छह महीने बाद जब तारा देवी का परिवार बीपीएल में शामिल होगा, तब तक बीमा का लाभ लेने की अवधि निकल चुकी होगी। बीमा आवेदन के कागजों को हाथ में लिए गणाईगंगोली में घूम रही तारा देवी लोगों से मदद की गुहार लगा रही है। रुंधे गले से कहती हैं अब वह अपने बच्चों को स्कूल भी नहीं पढ़ा पाएगी।
विज्ञापन
तारा देवी वास्तव में गरीब महिला है तो उसे इसका हक दिलाया जाएगा। वह मुख्य विकास अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश जारी कर रहे हैं। -एचसी सेमवाल, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़