{"_id":"63ed1c7cd85d57ee450565b8","slug":"nainisani-airport-air-force-pithoragarh-news-c-8-1-54601-2023-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिथौरागढ़: नैनीसैनी एयरपोर्ट वायु सेना के अधीन होने से चीन सीमा पर मजबूत होगा भारत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिथौरागढ़: नैनीसैनी एयरपोर्ट वायु सेना के अधीन होने से चीन सीमा पर मजबूत होगा भारत
Wed, 15 Feb 2023 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिथौरागढ़। नैनीसैनी एयरपोर्ट को वायु सेना को सौंपने की तैयारी पर कैबिनेट ने भी मुहर लगा दी है। सैन्य विशेषज्ञों की मानें तो इस एयरपोर्ट के वायु सेना के अधीन जाने से चीन सीमा पर भारत की पकड़ मजबूत होगी। सामरिक दृष्टि से इस एयरपोर्ट का वायु सेना को सौंपने का फैसला अच्छा है। हवाई पट्टी और एयरपोर्ट में सुविधाओं का विस्तार होने से नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
पिथौरागढ़ जिला चीन और नेेपाल से सटा है। इस कारण यहां मौजूद नैनीसैनी एयरपोर्ट सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस एयरपोर्ट का इस्तेेमाल यात्री उड़ानों के साथ वायु सेना भी करती रहती है। पिछले साल अक्तूबर में इस एयरपोर्ट को वायु सेना को सौंपने के लिए प्रशासन की ओर से पहल शुरू हुई थी। इसके बाद वायु सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने भी एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद इसके शीघ्र ही वायु सेना को हस्तांतरित होने की उम्मीद बढ़ गई है।
हालांकि एयरपोर्ट से नियमित उड़ान की उम्मीद कर रहे लोगों का कहना है कि वायु सेना को सौंपने के बाद आम नागरिकों को परेशानियां होंगी लेकिन सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जयपुर, हिंडन सहित देश के कई एयरपोर्ट वायु सेना के अधीन हैं और आम नागरिकों को भी उड़ान का लाभ मिल रहा है। एयरपोर्ट के वायु सेना के अधीन जाने से चीन सीमा पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
विज्ञापन
चीन सीमा के बेहद करीब होने के कारण सुरक्षा कारणों से इस एयरपोर्ट का वायु सेना के पास होना जरूरी है। इस एयरपोर्ट को वायु सेना को सौंपने पर कोई सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। चीन, भारत का दुश्मन है और समय-समय पर उसकी ओर से की जाने वाली हरकतों से पूरा देश वाकिफ है। सीमा पर हमारी सैन्य तैयारियां मजबूत होंगी। - सेवानिवृत लेफि्टनेंट कर्नल एसपी गुलेरिया।
सीमा पर सुरक्षा तंत्र का मजबूत होना सामरिक दृष्टि से बेहद जरूरी है। हमारा पड़ोसी देश चीन किस तरह घुसपैठ सहित अन्य भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है इसकी सभी को जानकारी है। नैनीसैनी एयरपोर्ट के वायु सेना को सौंपने से सुरक्षा तंत्र तो मजबूत होगा ही आम नागरिकों को भी नियमित उड़ान की सुविधा मिलेगी। - सेवानिवृत मेजर ललित सिंह।
वर्ष 1991 में बनकर तैयार हो गई थी नैनीसैनी में हवाई पट्टी
पिथौरागढ़। नैनीसैनी में हवाई पट्टी वर्ष 1991 में बनकर तैयार हो गई थी। व्यावसायिक उड़ान के लिए इसका विस्तार कर 65 करोड़ से रनवे 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया गया। नवंबर 2015 में नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ान शुरू करने का प्रयास किया लेकिन कई कमियों के कारण उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
वर्ष 2018 में डीजीसीए ने निरीक्षण कर हरी झंडी दी तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड सहित सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर स्थापित कर दिया गया। 17 जनवरी 2019 को नौ सीटर विमान से पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई। नैनीसैनी एयरपोर्ट से देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई। वर्ष 2020 में विमान के रनवे पर फिसलने से विमान सेवा बंद पड़ी है।
लोगों की मांग और जरूरत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 31 जनवरी 2023 से 20 सीटर विमान उड़ाने का वादा किया था लेकिन नियत तिथि पर सेवा शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों में गुस्सा भी है। जनमंच के संयोजक भगवान सिंह रावत का कहना है कि पिछले ढाई दशकों से यहां के लोगों को विमान सेवा शुरू होने का इंतजार है। नैनीसैनी एयरपोर्ट का लाभ आम नागरिकों को भी शीघ्र मिलना चाहिए।
विज्ञापन
पिथौरागढ़ जिला चीन और नेेपाल से सटा है। इस कारण यहां मौजूद नैनीसैनी एयरपोर्ट सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस एयरपोर्ट का इस्तेेमाल यात्री उड़ानों के साथ वायु सेना भी करती रहती है। पिछले साल अक्तूबर में इस एयरपोर्ट को वायु सेना को सौंपने के लिए प्रशासन की ओर से पहल शुरू हुई थी। इसके बाद वायु सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने भी एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। इस प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद इसके शीघ्र ही वायु सेना को हस्तांतरित होने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
हालांकि एयरपोर्ट से नियमित उड़ान की उम्मीद कर रहे लोगों का कहना है कि वायु सेना को सौंपने के बाद आम नागरिकों को परेशानियां होंगी लेकिन सैन्य अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जयपुर, हिंडन सहित देश के कई एयरपोर्ट वायु सेना के अधीन हैं और आम नागरिकों को भी उड़ान का लाभ मिल रहा है। एयरपोर्ट के वायु सेना के अधीन जाने से चीन सीमा पर भारत की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
विज्ञापन
चीन सीमा के बेहद करीब होने के कारण सुरक्षा कारणों से इस एयरपोर्ट का वायु सेना के पास होना जरूरी है। इस एयरपोर्ट को वायु सेना को सौंपने पर कोई सवाल नहीं उठाए जाने चाहिए। चीन, भारत का दुश्मन है और समय-समय पर उसकी ओर से की जाने वाली हरकतों से पूरा देश वाकिफ है। सीमा पर हमारी सैन्य तैयारियां मजबूत होंगी। - सेवानिवृत लेफि्टनेंट कर्नल एसपी गुलेरिया।
सीमा पर सुरक्षा तंत्र का मजबूत होना सामरिक दृष्टि से बेहद जरूरी है। हमारा पड़ोसी देश चीन किस तरह घुसपैठ सहित अन्य भड़काऊ कार्रवाई कर रहा है इसकी सभी को जानकारी है। नैनीसैनी एयरपोर्ट के वायु सेना को सौंपने से सुरक्षा तंत्र तो मजबूत होगा ही आम नागरिकों को भी नियमित उड़ान की सुविधा मिलेगी। - सेवानिवृत मेजर ललित सिंह।
वर्ष 1991 में बनकर तैयार हो गई थी नैनीसैनी में हवाई पट्टी
पिथौरागढ़। नैनीसैनी में हवाई पट्टी वर्ष 1991 में बनकर तैयार हो गई थी। व्यावसायिक उड़ान के लिए इसका विस्तार कर 65 करोड़ से रनवे 1600 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा बनाया गया। नवंबर 2015 में नौ सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। 26 जनवरी 2016 से नियमित उड़ान शुरू करने का प्रयास किया लेकिन कई कमियों के कारण उड़ान शुरू नहीं हो सकी।
वर्ष 2018 में डीजीसीए ने निरीक्षण कर हरी झंडी दी तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल, फायर ब्रिगेड सहित सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर टर्मिनल भवन में टिकट बुकिंग काउंटर स्थापित कर दिया गया। 17 जनवरी 2019 को नौ सीटर विमान से पहली व्यावसायिक उड़ान शुरू हुई। नैनीसैनी एयरपोर्ट से देहरादून और पंतनगर के लिए नियमित उड़ान के बाद 11 अक्तूबर 2019 को गाजियाबाद के हिंडन के लिए भी सीधी विमान सेवा शुरू हुई। वर्ष 2020 में विमान के रनवे पर फिसलने से विमान सेवा बंद पड़ी है।
लोगों की मांग और जरूरत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने 31 जनवरी 2023 से 20 सीटर विमान उड़ाने का वादा किया था लेकिन नियत तिथि पर सेवा शुरू नहीं हो सकी। इससे लोगों में गुस्सा भी है। जनमंच के संयोजक भगवान सिंह रावत का कहना है कि पिछले ढाई दशकों से यहां के लोगों को विमान सेवा शुरू होने का इंतजार है। नैनीसैनी एयरपोर्ट का लाभ आम नागरिकों को भी शीघ्र मिलना चाहिए।