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मेरा रूप देख के चंद्रमा शरमा गया अरु छुप गया...
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Sat, 08 Oct 2016 11:00 PM IST
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पिथौरागढ़ सदर की रामलीला में नृत्य करती सूर्पणखा
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ की रामलीला में भरत के चित्रकूट से लौटने के बाद पंचवटी पहुंची रावण की बहन सूर्पणखा के नाक, कान काट लिए। भगवान राम के हाथों खर-दूषण मारे गए। रावण छल से सीता का हरण कर ले गया। वहीं, बेड़ीनाग, गंगोलीहाट, थल में रामलीला जारी है। मुनस्यारी में रामलीला शुरू हो गई है।
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जिला मुख्यालय की रामलीला सदर और टकाना की रामलीला में सातवें दिन भरत, शत्रुघ्न के तीनों माताओं के साथ वन गमन से रामलीला की शुरुआत हुई। भगवान राम अपनी खड़ाऊ देकर भरत को अयोध्या वापस भेज देते हैं। इसके पश्चात राम, लक्ष्मण, सीता ने अत्रि मुनि और माता अनुसूईया के आश्रम पहुंचकर उनसे दीक्षा ली। पंचवटी में कुटिया बनाकर रहने लगे। पंचवटी में लंका नरेश रावण की बहन सूर्पणखा घूम रही होती है। राम और लक्ष्मण के मनमोहन रूप पर सूर्पणखा मोहित हो जाती है। भगवान राम से प्रणय निवेदन करती है। भगवान राम स्वयं को विवाहित बताते हुए लक्ष्मण को कुमार (युवा) बताते हैं। लक्ष्मण सूर्पणखा को दुत्कार देते हैं। राक्षसी सूर्पणखा फिर भगवान राम के पास जाती है। राम को रिझाते हुए गाती है-मेरा रूप देख के चंद्रमा शरमा गया अरु छुप गया। मो पे इंद्र मोहित हो गया, मुझे देख ऋषियन तप गया पर क्या करूं हे रामचंद्र तुम पे मेरा दिल आ गया। भगवान राम के इशारे पर शेषावतार लक्ष्मण सूर्पणखा के नाक, कान काट देते हैं। खरदूषण वध, सीता हरण तक की लीला का मंचन किया गया।
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बेड़ीनाग। यहां की रामलीला में शुक्रवार रात धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया। परशुराम, लक्ष्मण, परशुराम-राम संवाद को सराहा गया।
मुनस्यारी। मुनस्यारी में रामलीला शुरू हो गई है। पहले दिन राम जन्म तक की लीला का मंचन किया गया। रामलीला का उद्घाटन मौके पर राज्य महिला आयोग की सदस्य तारा पांगती और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आदित्य नाथ मित्तल थे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रवि बृजवाल, महासचिव महेश धर्मशक्तू ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया।
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गंगोलीहाट। सूर्पणखा के नाक, कान कटने से सीता हरण तक की लीला का मंचन किया गया। सूर्पणखा के नाक, कान काटने के बाद बदला लेने के लिए सूर्पणखा के भाई खर-दूषण पंचवटी पहुंचते हैं और भगवान राम के हाथों मारे जाते हैं। रावण मृग का वेश में मारीच को पंचवटी भेजता है। भगवान राम मृग के पीछे जाते हैं। रावण छल कर सीता माता का हरण कर लेता है।
थल। थल की रामलीला में सूर्पणखा के नाक, कान कटने से सीताहरण तक की लीला हुई। मुख्य अतिथि ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र देउपा, विशिष्ट अतिथि भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक कार्की थे।