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मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र बारिश ने बरपाया कहर
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नदी के कटाव से खतरे की जद में आया उमरगड़ा गांव।
- फोटो : PITHORAGARH
मुनस्यारी/बंगापानी/धारचूला। मुनस्यारी और बंगापानी क्षेत्र में शनिवार रात भारी बारिश ने जमकर कहर बरपाया। बारिश से गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगढ़ गांव के पांच मकान बह गए। लोगों की सतर्कता से कोई जनहानि नहीं हुई लेकिन मवेशी बह गए। मुनस्यारी के धापा गांव में भूस्खलन के दौरान अपनी मां के साथ सुरक्षित स्थान की ओर जा रहा एक पांच साल का बच्चा बह गया। उसे दो सौ मीटर नीचे बचा लिया गया। उसका अस्पताल में उपचार चल रहा है। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क पर बना मोटर पुल बह गया। मौसम के मिजाज से दहशत में आए लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। मुनस्यारी-थल और मुनस्यारी-जौलजीबी सड़कों के बंद होने से मुनस्यारी का शेष जगत से संपर्क कटा है।
मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में शनिवार रात दो बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते नदी नाले उफान पर आ गए। गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव में पानी घुस गया। इससे अफरातफरी मच गई। दहशत के बीच ग्रामीण मकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। इसी बीच दलीप सिंह पुत्र अमर सिंह, मुकेश सिंह पुत्र प्रताप सिंह, मथुरा देवी पत्नी अमर सिंह, देवेंद्र सिंह पुत्र गुमान सिंह और डिगर सिंह पुत्र गुमान सिंह के मकान गोरी नदी में समा गए। ग्रामीण गोठ में बंधे मवेशियों को भी नहीं बचा सके। दिलीप सिंह और अमर सिंह की दो गाय और एक भैंस बह गई।
ग्रामीणों ने पूरी रात खेतों में खड़े होकर गुजारी। सूचना मिलने पर सुबह पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के बाद उच्चाधिकारियों को सौंप दी। खतरे में आए सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया है। धापा गांव में खतरे को देखते हुए अपने पांच साल के बेटे तन्मय के साथ सुरक्षित स्थान को जा रही गीता देवी का हाथ अचानक तन्मय के हाथ से छूट गया और वह नाले में बह गया। ग्रामीणों ने करीब 200 मीटर नीचे बालक को बचा लिया। उसका मुनस्यारी सीएचसी में उपचार चल रहा है। तहसीलदार अबरार अहमद और थानाध्यक्ष आसिफ खान ने मौका मुआयना किया। आपदा को देखते हुए डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने अधिकारियों के साथ जिला मुख्यालय में आपात बैठक कर राहत कार्य करने के निर्देश दिए।
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मोटर पुल बहने से अलग-थलग पड़ा मुनस्यारी
मुनस्यारी। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में दराती गांव के पास बना बीआरओ का मोटर पुल नदी में बह गया। यहां पर भारी भूकटाव होने से नया पुल बनाने में लंबा समय लग सकता है। बीआरओ के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुुआयना किया। बारिश के कारण मुनस्यारी-थल सड़क में भी कई स्थानों पर मलबा आ गया। दोनों सड़कों के बंद होने से मुनस्यारी अलग-थलग पड़ा रहा। मुनस्यारी-थल सड़क में वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम देर शाम तक जारी रहा। बारिश के कारण जगह जगह पर भूस्खलन होने से कई पेयजल योजनाएं भी बह गई हैं। कुछ स्थानों पर पैदल पुल और रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। संवाद
35 से अधिक दुकानों में घुस मलबा
मुनस्यारी। मूसलाधार बारिश से मुनस्यारी में एसडीएम कार्यालय परिसर से निकले बरसाती नाले से सड़क रौखड़ में बदल गई। नगर के 35 से अधिक दुकानों में मलबा घुस गया। बस स्टेशन के पास एसडीएम कार्यालय के पास नाले से हरी एंड नरी चिकन सेंटर क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें रखा दो क्विंटल चिकन और चारा बह गया। धापा में महिमन सिंह, नरू राम, अमर राम, प्रयाग के मकान क्षतिग्रस्त हो गए है। मुनस्यारी के विवेकानंद विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य नवीन चंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूल के कक्षों में पानी के मलबा भर गया है। कक्षों के दरवाजे नहीं खुल रहे हैं। प्रयोगशाला में सारा सामान खराब हो गया है। मुनस्यारी पब्लिक स्कूल को भी खासा नुकसान पहुंचा है। ग्राम सभा फापा बादनी में भी कई मकानों में मलबा घुस गया। आरएसआई कमल उपाध्याय ने आपदा प्रभावित गांवों में जाकर क्षति का आकलन किया। बलौंटा के परिवारों को आईटीआई भवन और चरखम के परिवारों को आश्रम पद्धति विद्यालय और रांथी के परिवारों को जीजीआईसी नमजला में शिफ्ट किया गया है। दरकोट गांव में महिला मंगल दल भवन, सरुली देवी, सुंदर राम, प्रह्लाद राम के घर को खतरा है। संवाद
बलौंटा में 13 ग्रामीणों के मकानों को खतरा
मुनस्यारी। अतिवृष्टि से मुनस्यारी के बलौटा गांव में लवराज सिंह, कमला रावत, सुंदर सिंह रावत, गोपाल सिंह, कुलदीप सिंह, इंद्र सिंह, उमेश सिंह, रावत धाम सिंह, यशोदा देवी, हीरा देवी, केदार मर्तोलिया, भगत मर्तोलिया के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। राजस्व पुलिस ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है। संवाद
नदी किनारे रहने वाले पांच सौ परिवारों ने जागकर गुजारी रात
धारचूला। शनिवार रात की बारिश से जौलजीबी में गोरी और महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ने से संगम से लेकर दांतु खेड़ा के नदी किनारे रहने वाले पांच परिवारों के लोग सहम गए। इन परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई। परमल सिंह भाट पुत्र जय सिंह भाट ग्राम बजानी कालिका का मकान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। प्रधान माया देवी की सूचना पर आरएसआई हुकुम सिंह धामी ने मौके में जाकर नुकसान का जायजा लिया। धारचूला चौंदास घाटी के हिमखोला नाले का जलस्तर बढ़ने से कंजोति नारायण आश्रम मोटर मार्ग को जोड़ने वाली पुलिया के किनारे से तेज बहाव होने से पुलिया खतरे की जद में आ गई है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जवाहर सिंह गर्खाल ने इसकी सूचना तहसील कार्यालय को दी है। नाले का जलस्तर बढ़ने से खतरे की जद में आए भवन स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी किया गया और तहसील की और से चार टेंट दिए गए हैं। परिवार को स्कूल, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में रखे जाने की व्यवस्था की गई है। खाद्य विभाग ने सितंबर तक का राशन दिया गया है। बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान हुआ है। प्रधान बबीता ने बताया कि बारिश से सिमखोला ठुलीगाड़ और कुंचासे तोक में दोनों जगह पर दो लकड़ी के पुल बह गए है। इसकी सूचना तहसील कार्यालय को दी है। संवाद
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मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में शनिवार रात दो बजे से मूसलाधार बारिश शुरू हुई। देखते ही देखते नदी नाले उफान पर आ गए। गोरी नदी का जलस्तर बढ़ने से छोरीबगड़ गांव में पानी घुस गया। इससे अफरातफरी मच गई। दहशत के बीच ग्रामीण मकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। इसी बीच दलीप सिंह पुत्र अमर सिंह, मुकेश सिंह पुत्र प्रताप सिंह, मथुरा देवी पत्नी अमर सिंह, देवेंद्र सिंह पुत्र गुमान सिंह और डिगर सिंह पुत्र गुमान सिंह के मकान गोरी नदी में समा गए। ग्रामीण गोठ में बंधे मवेशियों को भी नहीं बचा सके। दिलीप सिंह और अमर सिंह की दो गाय और एक भैंस बह गई।
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ग्रामीणों ने पूरी रात खेतों में खड़े होकर गुजारी। सूचना मिलने पर सुबह पुलिस और एसडीआरएफ के जवान मौके पर पहुंचे। राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने के बाद उच्चाधिकारियों को सौंप दी। खतरे में आए सभी परिवारों को सुरक्षित स्थान पर विस्थापित कर दिया है। धापा गांव में खतरे को देखते हुए अपने पांच साल के बेटे तन्मय के साथ सुरक्षित स्थान को जा रही गीता देवी का हाथ अचानक तन्मय के हाथ से छूट गया और वह नाले में बह गया। ग्रामीणों ने करीब 200 मीटर नीचे बालक को बचा लिया। उसका मुनस्यारी सीएचसी में उपचार चल रहा है। तहसीलदार अबरार अहमद और थानाध्यक्ष आसिफ खान ने मौका मुआयना किया। आपदा को देखते हुए डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने अधिकारियों के साथ जिला मुख्यालय में आपात बैठक कर राहत कार्य करने के निर्देश दिए।
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मोटर पुल बहने से अलग-थलग पड़ा मुनस्यारी
मुनस्यारी। मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में दराती गांव के पास बना बीआरओ का मोटर पुल नदी में बह गया। यहां पर भारी भूकटाव होने से नया पुल बनाने में लंबा समय लग सकता है। बीआरओ के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मुुआयना किया। बारिश के कारण मुनस्यारी-थल सड़क में भी कई स्थानों पर मलबा आ गया। दोनों सड़कों के बंद होने से मुनस्यारी अलग-थलग पड़ा रहा। मुनस्यारी-थल सड़क में वैकल्पिक मार्ग बनाने का काम देर शाम तक जारी रहा। बारिश के कारण जगह जगह पर भूस्खलन होने से कई पेयजल योजनाएं भी बह गई हैं। कुछ स्थानों पर पैदल पुल और रास्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ रहा है। संवाद
35 से अधिक दुकानों में घुस मलबा
मुनस्यारी। मूसलाधार बारिश से मुनस्यारी में एसडीएम कार्यालय परिसर से निकले बरसाती नाले से सड़क रौखड़ में बदल गई। नगर के 35 से अधिक दुकानों में मलबा घुस गया। बस स्टेशन के पास एसडीएम कार्यालय के पास नाले से हरी एंड नरी चिकन सेंटर क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें रखा दो क्विंटल चिकन और चारा बह गया। धापा में महिमन सिंह, नरू राम, अमर राम, प्रयाग के मकान क्षतिग्रस्त हो गए है। मुनस्यारी के विवेकानंद विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य नवीन चंद्र शर्मा ने बताया कि स्कूल के कक्षों में पानी के मलबा भर गया है। कक्षों के दरवाजे नहीं खुल रहे हैं। प्रयोगशाला में सारा सामान खराब हो गया है। मुनस्यारी पब्लिक स्कूल को भी खासा नुकसान पहुंचा है। ग्राम सभा फापा बादनी में भी कई मकानों में मलबा घुस गया। आरएसआई कमल उपाध्याय ने आपदा प्रभावित गांवों में जाकर क्षति का आकलन किया। बलौंटा के परिवारों को आईटीआई भवन और चरखम के परिवारों को आश्रम पद्धति विद्यालय और रांथी के परिवारों को जीजीआईसी नमजला में शिफ्ट किया गया है। दरकोट गांव में महिला मंगल दल भवन, सरुली देवी, सुंदर राम, प्रह्लाद राम के घर को खतरा है। संवाद
बलौंटा में 13 ग्रामीणों के मकानों को खतरा
मुनस्यारी। अतिवृष्टि से मुनस्यारी के बलौटा गांव में लवराज सिंह, कमला रावत, सुंदर सिंह रावत, गोपाल सिंह, कुलदीप सिंह, इंद्र सिंह, उमेश सिंह, रावत धाम सिंह, यशोदा देवी, हीरा देवी, केदार मर्तोलिया, भगत मर्तोलिया के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। राजस्व पुलिस ने निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है। संवाद
नदी किनारे रहने वाले पांच सौ परिवारों ने जागकर गुजारी रात
धारचूला। शनिवार रात की बारिश से जौलजीबी में गोरी और महाकाली नदी का जल स्तर बढ़ने से संगम से लेकर दांतु खेड़ा के नदी किनारे रहने वाले पांच परिवारों के लोग सहम गए। इन परिवारों ने पूरी रात जागकर बिताई। परमल सिंह भाट पुत्र जय सिंह भाट ग्राम बजानी कालिका का मकान बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। प्रधान माया देवी की सूचना पर आरएसआई हुकुम सिंह धामी ने मौके में जाकर नुकसान का जायजा लिया। धारचूला चौंदास घाटी के हिमखोला नाले का जलस्तर बढ़ने से कंजोति नारायण आश्रम मोटर मार्ग को जोड़ने वाली पुलिया के किनारे से तेज बहाव होने से पुलिया खतरे की जद में आ गई है। पूर्व ब्लॉक प्रमुख जवाहर सिंह गर्खाल ने इसकी सूचना तहसील कार्यालय को दी है। नाले का जलस्तर बढ़ने से खतरे की जद में आए भवन स्वामी को पूर्व में नोटिस जारी किया गया और तहसील की और से चार टेंट दिए गए हैं। परिवार को स्कूल, पंचायत घर और आंगनबाड़ी केंद्र में रखे जाने की व्यवस्था की गई है। खाद्य विभाग ने सितंबर तक का राशन दिया गया है। बुंगबुंग में भी बारिश से नुकसान हुआ है। प्रधान बबीता ने बताया कि बारिश से सिमखोला ठुलीगाड़ और कुंचासे तोक में दोनों जगह पर दो लकड़ी के पुल बह गए है। इसकी सूचना तहसील कार्यालय को दी है। संवाद

चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट लिपूलेख सड़क में आया मलबा। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : PITHORAGARH

मुनस्यारी-जौलजीबी सड़क में दराती के समीप बना बीआरओ का पुल बह गया।- फोटो : PITHORAGARH