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बरामदे में परीक्षा दे रहे मुनस्यारी कॉलेज के विद्यार्थी
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Mon, 23 Apr 2018 10:32 PM IST
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मुनस्यारी महाविद्यालय में बरामदे में परीक्षा देते विद्यार्थी
- फोटो : अमर उजाला
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सीमांत क्षेत्र में उच्च शिक्षा भी बदहाल है। मुनस्यारी महाविद्यालय को अपना भवन स्थापना के 17 साल बाद भी नहीं मिल पाया। हालात यह है कि परीक्षाएं अस्थायी भवन के बरामदे में करानी पड़ रही हैं।
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वर्ष 2001 में खुला मुनस्यारी महाविद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज के तीन कक्षों में संचालित हो रहा है। महाविद्यालय में 526 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। अभावों में चल रहे महाविद्यालय में वर्तमान में बीए तृतीय वर्ष की सेमेस्टर परीक्षाएं चल रही हैं। 150 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। कक्षों की कमी के कारण बरामदे में परीक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2016 से करीब चार करोड़ की लागत से महाविद्यालय का भवन बन रहा है, जिसकी गति बेहद धीमी है। छात्रसंघ की शिकायत पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह के निर्देश पर वर्तमान में निर्माण कार्य की जांच चल रही है। एक महीने पहले ही भवन निर्माण का कार्य पहले ठेकेदार से छीनकर दूसरे ठेकेदार को दिया गया है। काम में फिर भी गति नहीं आ पा रही है।
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छात्रसंघ अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह बिष्ट का कहना है कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम भवन का कार्य कर रहा है। भवन निर्माण कार्य तेज नहीं हुआ और अस्थायी व्यवस्था के तहत कक्ष उपलब्ध नहीं कराए तो सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। उधर, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजुला चंद का कहना है कि भवन को शीघ्र पूरा कराने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजा गया है। प्राचार्य मानती हैं कि भवन की कमी के कारण शिक्षण व्यवस्था में व्यवधान आ रहा है।
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