{"_id":"6908e1f5740ae65414057fa3","slug":"municipal-corporation-issues-house-tax-notice-to-1000-building-owners-in-pithoragarh-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-134347-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में एक हजार भवन स्वामियों को हाउस टैक्स के लिए नगर निगम का नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में एक हजार भवन स्वामियों को हाउस टैक्स के लिए नगर निगम का नोटिस
Mon, 03 Nov 2025 10:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 03 Nov 2025 10:40 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ नगर। संवाद
पिथौरागढ़। नगर निगम ने एक हजार से अधिक भवन स्वामियों को नोटिस भेजे हैं। जल्द ही और छह हजार भवन स्वामियों को नोटिस जारी होंगे। नगर निगम के मुताबिक ये भवन स्वामी नियमों और मानकों के अनुरूप भवन कर जमा नहीं कर रहे हैं। इस कारण नगर निगम को सालाना 67 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। नगर निगम की इस कार्रवाई से भवन स्वामियों में खलबली मच गई है।
दरअसल नगर निगम के रिकाॅर्ड में 11,000 भवन पंजीकृत थे। बीते वर्षों में नगर में भवनों की संख्या काफी बढ़ी है। पूर्व में एक मंजिले की जगह अब दो से तीन मंजिला भवन खड़े हो गए हैं। एक कमरे की जगह लोगों ने दो से अधिक कमरों का मकान खड़ा किया है। जब बीते दिनों नगर निगम ने नगरीय क्षेत्र में बने भवनों का जीआई सर्वे कराया तो 18,000 भवनों की गणना हुई यानी सात हजार भवन ऐसे मिले जिनका कर जमा करने से भवन स्वामियों ने हाथ पीछे खींचे हैं।
जब नगर निगम ने इन भवनों के कर का आकलन किया तो उसे सालाना 67 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पूर्व में नगर निगम को सालाना 33 लाख का भवन कर मिल रहा है। यदि सभी भवनों का मानकों के अनुसार कर मिला तो यह आंकड़ा एक करोड़ के पार पहुंचेगा। फिलहाल भवन कर जमा न करने वाले एक हजार से अधिक भवन स्वामियों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। आने वाले दिनों में अन्य लोगों को भी नोटिस भेजने की तैयारी है।
विज्ञापन
--
जीआई सर्वे में भवन की माप का हुआ आकलन
नगर निगम के मुताबिक जीआई सर्वे में हर भवन की माप का आकलन किया गया है यानी भवन कितनी भूमि पर बना है। इसमें कितने कमरे बनाए गए हैं। ये सभी जानकारी नगर निगम के रिकाॅर्ड में दर्ज हुई है। इसी आधार पर नगर निगम अब भवन कर वसूलने की तैयारी कर रहा है। साफ है कि अब भवन स्वामी चार कमरों का मकान खड़ा करने पर सिर्फ एक कमरे के हिसाब से भवन कर चुकाकर निगम की आंखों में धूल नहीं झोंक सकेगा।
--
रहने के लिए बनाया भवन, चला रहे हैं व्यापारिक प्रतिष्ठान
नगर निगम के मुताबिक कई भवन स्वामियों ने अपने रहने के नाम पर भवन खड़ा किया है लेकिन इसमें वह व्यापारिक प्रतिष्ठान चला रहे हैं। नियमों के मुताबिक व्यापारिक प्रतिष्ठान कर सामान्य भवनों के कर से अधिक होता है। ऐसे में नगर निगम को चपत लग रही है।
कोट
नियमों के मुताबिक भवन कर जमा न करने वाले भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जीआई सर्वे के आधार पर भवनों की गणना और मापन किया गया है। इसी आधार पर यह कार्रवाई गतिमान है। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़
विज्ञापन
दरअसल नगर निगम के रिकाॅर्ड में 11,000 भवन पंजीकृत थे। बीते वर्षों में नगर में भवनों की संख्या काफी बढ़ी है। पूर्व में एक मंजिले की जगह अब दो से तीन मंजिला भवन खड़े हो गए हैं। एक कमरे की जगह लोगों ने दो से अधिक कमरों का मकान खड़ा किया है। जब बीते दिनों नगर निगम ने नगरीय क्षेत्र में बने भवनों का जीआई सर्वे कराया तो 18,000 भवनों की गणना हुई यानी सात हजार भवन ऐसे मिले जिनका कर जमा करने से भवन स्वामियों ने हाथ पीछे खींचे हैं।
विज्ञापन
जब नगर निगम ने इन भवनों के कर का आकलन किया तो उसे सालाना 67 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। पूर्व में नगर निगम को सालाना 33 लाख का भवन कर मिल रहा है। यदि सभी भवनों का मानकों के अनुसार कर मिला तो यह आंकड़ा एक करोड़ के पार पहुंचेगा। फिलहाल भवन कर जमा न करने वाले एक हजार से अधिक भवन स्वामियों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। आने वाले दिनों में अन्य लोगों को भी नोटिस भेजने की तैयारी है।
विज्ञापन
जीआई सर्वे में भवन की माप का हुआ आकलन
नगर निगम के मुताबिक जीआई सर्वे में हर भवन की माप का आकलन किया गया है यानी भवन कितनी भूमि पर बना है। इसमें कितने कमरे बनाए गए हैं। ये सभी जानकारी नगर निगम के रिकाॅर्ड में दर्ज हुई है। इसी आधार पर नगर निगम अब भवन कर वसूलने की तैयारी कर रहा है। साफ है कि अब भवन स्वामी चार कमरों का मकान खड़ा करने पर सिर्फ एक कमरे के हिसाब से भवन कर चुकाकर निगम की आंखों में धूल नहीं झोंक सकेगा।
रहने के लिए बनाया भवन, चला रहे हैं व्यापारिक प्रतिष्ठान
नगर निगम के मुताबिक कई भवन स्वामियों ने अपने रहने के नाम पर भवन खड़ा किया है लेकिन इसमें वह व्यापारिक प्रतिष्ठान चला रहे हैं। नियमों के मुताबिक व्यापारिक प्रतिष्ठान कर सामान्य भवनों के कर से अधिक होता है। ऐसे में नगर निगम को चपत लग रही है।
कोट
नियमों के मुताबिक भवन कर जमा न करने वाले भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जीआई सर्वे के आधार पर भवनों की गणना और मापन किया गया है। इसी आधार पर यह कार्रवाई गतिमान है। - राजदेव जायसी, सहायक नगर आयुक्त, नगर निगम, पिथौरागढ़