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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Mother Purnagiri fair source of income

मां पूर्णागिरि मेले में आय के स्रोत

Sun, 15 Mar 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत)
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, टनकपुर (चंपावत) Updated Sun, 15 Mar 2015 12:37 AM IST
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 मां पूर्णागिरि मेले से होने वाली आमदनी का 90 फीसदी मेले की व्यवस्थाओं पर ही खर्च हो जाता है। बाल मुंडन, पार्किंग और ठुलीगाड़ से ऊपर टैक्सी संचालन ही ऐसी व्यवस्था है, जिससे आय होती है और पथ प्रकाश, सफाई और आवासीय व्यवस्थाआें में व्यय होता है।

हर साल होली के अगले दिन से शुरू होने वाले मेले में प्रशासन तीर्थयात्रियों को बिजली, पानी, सुरक्षा, चिकित्सा, यात्री विश्राम और सफाई की सुविधा मुहैया कराता है। पूर्व में जिला पंचायत मेले का संचालन करती थी, लेकिन 2011 में हाईकोर्ट के गैर वानिकी कार्यों पर रोक लगाए जाने से जिला पंचायत और प्रशासन की संयुक्त मेला कमेटी बनाकर मेले का संचालन किया जा रहा है।
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मेला अधिकारी जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी शेर सिंह परगांई के मुताबिक बाल मुंडल और पार्किंग का ठेका आमदनी के मुख्य स्रोत हैं। इस बार इन दोनों ठेकों से मेला कमेटी को 79.10 लाख रुपए की आय हुई है। उन्होंने बताया कि पथ प्रकाश और आवासीय व्यवस्था में सबसे अधिक खर्च होता है। गत वर्ष करीब 84 लाख रुपए इस व्यवस्था में खर्च हुए थे।

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