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Pithoragarh News: सुरक्षित प्रसव के लिए खटीमा पहुंचाने के बाद भी चली गई प्रसूता की जान
Thu, 17 Oct 2024 10:43 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 17 Oct 2024 10:43 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। सुविधा विहीन दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधा के अभाव में प्रसूताओं की जान जाने के मामले तो आते रहते हैं लेकिन सुरक्षित प्रसव के लिए चिकित्सा के लिहाज से सुविधा संपन्न क्षेत्र में पहुंचाने के बाद भी एक गर्भवती की जान नहीं बच सकी। प्रसव के बाद महिला की मौत से परिवारजन गहरे सदमे में हैं।
बंगापानी तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा माणीधामी निवासी बिरेंद्र सिंह मेहरा (28) का विवाह पिछले साल खटीमा मझौला निवासी संतोष देवी (26) से हुआ था। माणीधामी गांव में सड़क और क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा नहीं होने से बिरेंद्र सिंह ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए ससुराल पहुंचाया था। बताया जा रहा है कि प्रसव पीड़ा होने पर संतोष को एक प्राइवेट अस्पताल भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम सात बजे संतोष ने बेटी को जन्म दिया। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। बुधवार सुबह चार बजे अचानक संतोष देवी को तीव्र पीड़ा हुई और उसने दम तोड़ दिया।
घर में एक साल पूर्व ही खुशियों की डोली आई थी और परिवार नए सदस्य के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था लेकिन संतोष देवी की मौत की सूचना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। नवजात को यह भी पता नहीं है कि उसे जन्म देने वाली मां अब इस दुनियां में नहीं है। परिजनों का कहना है कि यदि उनके गांव तक सड़क होती तो वह अपनी बहू को वहां नहीं भेजते और पिथौरागढ़ में भी सुरक्षित प्रसव हो जाता।
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फोटो: 17 पीटीएच 13 पी- बिरेंद्र सिंह अपनी पत्नी संतोष देवी के साथ।
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बंगापानी तहसील क्षेत्र के ग्राम सभा माणीधामी निवासी बिरेंद्र सिंह मेहरा (28) का विवाह पिछले साल खटीमा मझौला निवासी संतोष देवी (26) से हुआ था। माणीधामी गांव में सड़क और क्षेत्र में चिकित्सा सुविधा नहीं होने से बिरेंद्र सिंह ने अपनी गर्भवती पत्नी को प्रसव के लिए ससुराल पहुंचाया था। बताया जा रहा है कि प्रसव पीड़ा होने पर संतोष को एक प्राइवेट अस्पताल भर्ती कराया गया। मंगलवार शाम सात बजे संतोष ने बेटी को जन्म दिया। प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ थे। बुधवार सुबह चार बजे अचानक संतोष देवी को तीव्र पीड़ा हुई और उसने दम तोड़ दिया।
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घर में एक साल पूर्व ही खुशियों की डोली आई थी और परिवार नए सदस्य के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था लेकिन संतोष देवी की मौत की सूचना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। नवजात को यह भी पता नहीं है कि उसे जन्म देने वाली मां अब इस दुनियां में नहीं है। परिजनों का कहना है कि यदि उनके गांव तक सड़क होती तो वह अपनी बहू को वहां नहीं भेजते और पिथौरागढ़ में भी सुरक्षित प्रसव हो जाता।
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फोटो: 17 पीटीएच 13 पी- बिरेंद्र सिंह अपनी पत्नी संतोष देवी के साथ।