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मां कोकिला ने भक्तों को दिया आशीर्वाद
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कोकिला मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़।
- फोटो : PITHORAGARH
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बरम क्षेत्र के प्रसिद्ध कनार के कोकिला देवी मंदिर का मेला संपन्न हो गया है। देव डांगरों ने अवतरित हो श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान मंदिर में सबसे बड़ा नगाड़ा बजा और अखंड धुनी जली।
छिपलाकेदार पर्वत श्रंखला के मध्य आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कनार मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को बरम से करीब 16 किमी की दुर्गम चढ़ाई पार करनी पड़ती है। चौदसी (चतुर्दशी) की रात्रि को मां कोकिला के मंदिर में मेला लगता है। भक्त सुबह से ही मंदिर पहुंचना शुरू हो गए। रात में गोरीछाल क्षेत्र से सात धार्मिक जात अपने-अपने ढोल-नगाड़ों के साथ मां के दरबार में पहुंचे। मंदिर में रखे गए दो विशाल नगाड़ों की धुन से छिपलाकेदार क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। रात में मां कोकिला का अवतरण हुआ और भक्तों की मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद दिया। ऐसी मान्यता है कि निसंतान दंपती विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करें तो उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर के अंदर पुजारी महेंद्र सिंह परिहार ने पूजा कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया। मंदिर के बाहर पं. कृष्णानंद अवस्थी, पं. दिनेश चंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना कराई। मेले में करीब छह हजार से अधिक लोग जुटे।
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छिपलाकेदार पर्वत श्रंखला के मध्य आठ हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कनार मंदिर तक पहुंचने के लिए भक्तों को बरम से करीब 16 किमी की दुर्गम चढ़ाई पार करनी पड़ती है। चौदसी (चतुर्दशी) की रात्रि को मां कोकिला के मंदिर में मेला लगता है। भक्त सुबह से ही मंदिर पहुंचना शुरू हो गए। रात में गोरीछाल क्षेत्र से सात धार्मिक जात अपने-अपने ढोल-नगाड़ों के साथ मां के दरबार में पहुंचे। मंदिर में रखे गए दो विशाल नगाड़ों की धुन से छिपलाकेदार क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
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ढोल-नगाड़ों के साथ मंदिर की परिक्रमा की गई। रात में मां कोकिला का अवतरण हुआ और भक्तों की मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद दिया। ऐसी मान्यता है कि निसंतान दंपती विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करें तो उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। मंदिर के अंदर पुजारी महेंद्र सिंह परिहार ने पूजा कर भक्तों को प्रसाद वितरित किया। मंदिर के बाहर पं. कृष्णानंद अवस्थी, पं. दिनेश चंद्र शास्त्री ने श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना कराई। मेले में करीब छह हजार से अधिक लोग जुटे।
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