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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ जिले में बढ़ रही कृषि उत्पादकता
Wed, 06 Sep 2023 10:50 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 06 Sep 2023 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में पिछले कुछ वर्षों से कृषि उत्पादकता बढ़ रही है। किसानों का रुझान औद्यानिकी की ओर बढ़ रहा है। जिले में खरीफ की फसल 32,000 हेक्टेयर और रबी की फसल 22,000 हेक्टेयर क्षेत्र में बोई जाती है।
मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि जिले में 20,441 मीट्रिक टन धान, 3,897 मीट्रिक टन मक्का, 31,784 मीट्रिक टन गेहूं, 5,408 मीट्रिक टन जौ, 16 मीट्रिक टन चना, 256 मीट्रिक टन मटर, 3,660 मीट्रिक टन मसूर का उत्पादन होता है। मोटे अनाज में शामिल मडुवे को बढ़ावा देने के बाद इसकी उत्पादकता भी बढ़ी है। वर्ष 2021-22 में 5,927 हेक्टेयर किसान मडुवे का उत्पादन करते थे। इस वर्ष इसका रकबा बढ़कर 6,225 हेक्टेयर हो गया है।
किसान समूह के माध्यम से भी मडुवे का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि का रकबा कुछ कम हुआ है लेकिन औद्यानिकी का बढ़ा है। इससे किसानों का रुझान सब्जी और फलों के उत्पादन में बढ़ रहा है। जैविक रसायन, गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ी है।
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मुख्य कृषि अधिकारी रितु टम्टा ने बताया कि जिले में 20,441 मीट्रिक टन धान, 3,897 मीट्रिक टन मक्का, 31,784 मीट्रिक टन गेहूं, 5,408 मीट्रिक टन जौ, 16 मीट्रिक टन चना, 256 मीट्रिक टन मटर, 3,660 मीट्रिक टन मसूर का उत्पादन होता है। मोटे अनाज में शामिल मडुवे को बढ़ावा देने के बाद इसकी उत्पादकता भी बढ़ी है। वर्ष 2021-22 में 5,927 हेक्टेयर किसान मडुवे का उत्पादन करते थे। इस वर्ष इसका रकबा बढ़कर 6,225 हेक्टेयर हो गया है।
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किसान समूह के माध्यम से भी मडुवे का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कृषि का रकबा कुछ कम हुआ है लेकिन औद्यानिकी का बढ़ा है। इससे किसानों का रुझान सब्जी और फलों के उत्पादन में बढ़ रहा है। जैविक रसायन, गुणवत्तायुक्त बीज, आधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग से प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ी है।
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