फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Milk production reduced by 500 liters due to lumpy disease in Pithoragarh

Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में लंपी बीमारी से 500 लीटर कम हुआ दूध उत्पादन

Sat, 20 May 2023 11:19 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 20 May 2023 11:19 PM IST
विज्ञापन
Milk production reduced by 500 liters due to lumpy disease in Pithoragarh
मुनस्यारी के मदकोट में शिविर में मौजूद पशुपालन विभाग की टीम। संवाद
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में लंपी वायरस के चलते पशुओं के दूध की धार भी मंद पड़ गई है। जिले के दूध उत्पादन में 500 लीटर की कमी आई है। इस कमी को पूरा करने के लिए खटीमा और चंपावत की दुग्ध उत्पादन समितियों से दूध की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन

मई की शुरूआत से ही गोवंशीय पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) के लक्षण दिखने लग गए थे। पशुओं में यह बीमारी तेजी से फैली। अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पंकज जोशी ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 1978 पशु अब तक बीमार पाए गए। इनमें से 1483 पशु ठीक हो गए हैं जबकि 482 अभी भी बीमार हैं। बीमारी से 13 पशुओं की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शनिवार तक जिले में 43,700 पशुओं का टीकाकरण कर लिया गया है। अभी करीब एक लाख पशुओं का टीकाकरण किया जाना है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि जो पशु ज्यादा गंभीर हो जाते हैं उनका दुग्ध उत्पादन 90 प्रतिशत तक गिर जाता है। सामान्यत: बीमार पशु के दूध में एक से दो हफ्ते तक 10 से 20 प्रतिशत तक की कमी हो जाती है। दुग्ध संघ के प्रबंधक एचसी आर्या ने बताया कि पिथौरागढ़ में प्रतिदिन 5200 लीटर दूध का उत्पादन होता है। लंपी बीमारी के चलते 500 लीटर दूध का उत्पादन कम हो रहा है। यहां प्रतिदिन करीब 6000 लीटर दूध की मांग है। इस मांग को पूरा करने के लिए चंपावत और खटीमा से दूध मंगाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाक्स
तीन-चार दिन में स्वस्थ हो रहे बीमार पशु
पिथौरागढ़। अपर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पंकज जोशी का कहना है कि बीमारी से ग्रस्त पशु का शीघ्र उचित उपचार करने पर तीन से चार दिन का समय लग रहा है। देर से उपचार करने में पशुओं को ठीक होने में आठ से दस दिन का समय लग रहा है। बीमारी का प्रभाव बैलों में अधिक देखा जा रहा है।
बाक्स
बीमार पशु के दूध से कोई खतरा नहीं
पिथौरागढ़। लंपी बीमारी से ग्रसित पशुओं के दूध का इंसानों पर प्रभाव नहीं होता है। डिप्टी सीवीओ पंकज जोशी ने बताया कि यह बीमारी पशुओं से इंसानों में नहीं फैलती है। यह जैनेटिक नहीं होती है। हालांकि उन्होंने दूध को उबाल कर ही पीने की सलाह दी है।
बाक्स
दारमा गांव में एक गाय की मौत
बंगापानी। तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में पशुओं में लंपी बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है। पशु चिकित्सक स्वाति के पास मदकोट और मुनस्यारी का भी चार्ज है। पशु सेवा केंद्र मवानी दवानी की एलईओ पूजा नेगी को मदकोट का भी चार्ज दिया गया है। डॉ. स्वाति मुनस्यारी तो पूजा नेगी मदकोट में बैठती हैं। इसके चलते बंगापानी क्षेत्र के गांव मवानी दवानी, मदरमा, दारमा, माणी-धामी, धामीगांव, शिलिंग, खर्तोली, सेरासिर्तोला, टांगा, गोल्फा, बोना, तोमिक आदि गांवों में दवा और टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। दारमा गांव में जोगा सिंह की एक गाय की मौत हो गई है। फार्मासिस्ट मनीषा कार्तिक से बात करने पर उन्होंने स्टाफ की कमी बताई। डॉ. स्वाति का कहना है कि स्टाफ की कमी है जिसके बाद भी प्रत्येक गांव में दवाएं और टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संवाद

इनसेट
बाहर से आ रही बकरियों पर रोक लगाओ
पिथौरागढ़। जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने बाहरी क्षेत्रों से आ रही बकरियों और अन्य मवेशियों पर रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसएसबी सहित लोकल बाजार में मांसाहार के लिए उत्तर प्रदेश से रोज बकरियां आ रही हैं। ऐसे में लंपी वायरस का फैलने का खतरा बढ़ जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed