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मुनस्यारी में पारा शून्य से तीन डिग्री नीचे गिरा
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/मुनस्यारी
Updated Sat, 06 Jan 2018 10:19 PM IST
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मुनस्यारी के निकट पंचाचूली की चोटी पर शुक्रवार की शाम हुए हिमपात के बाद का नजारा
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय में शनिवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह इस सीजन का सबसे कम तापमान है। जिला मुख्यालय के पास चंडाक और मोस्टामानू में शनिवार सुबह का तापमान शून्य डिग्री रहा, जबकि मुनस्यारी में रात का तापमान शून्य से तीन डिग्री नीचे चल रहा है। पूरा जिला इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। शीतलहर और पाले के प्रकोप से सामान्य जनजीवन पर असर पड़ रहा है। शाम के समय बाजारों में जल्दी सन्नाटा पसर रहा है, जबकि सुबह के समय ठंड के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार अभी एक-दो दिन तक तापमान में गिरावट का क्रम जारी रहेगा। रात के समय जबर्दस्त पाला गिरेगा। घाटी वाले इलाकों में कोहरा छाए रहेगा। मौसम विभाग के उपमहानिदेशक डॉ. आनंद शर्मा ने बताया कि इस समय संपूर्ण उत्तर भारत में ठंड का असर है। पिछले दिनों ऊंची पहाड़ियों पर हुए हिमपात के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिनों तक ठंड रहेगी।
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वहीं, मुनस्यारी में कड़ाके की ठंड से सामान्य जनजीवन पर खासा असर पड़ रहा है। बाजार में दिन के समय भी लोगों की आवाजाही बहुत कम है। शाम को ठंड से बचने के लिए लोग जल्दी घरों में दुबक रहे हैं। कुछ स्थानों पर प्रशासन ने अलाव जला रखे हैं। इससे थोड़ी राहत मिल रही है।
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फसलों पर सूखे के बाद अब पाले की मार
पिथौरागढ़। लंबे समय से सूखे की मार झेल रही फसलों पर अब पाले का असर पड़ने लगा है। पाले से फसल झुलसने लगी है और सब्जी के पौधों को व्यापक नुकसान पहुंच रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने कहा कि जब तक बारिश नहीं होती, पाले का असर रहेगा। उन्होंने कहा कि पाले से सबसे ज्यादा नुकसान केले के पौधों को पहुंच रहा है। केले की कोमल पत्तियां और तना पाले से झुलस जाते हैं।