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भारत-चीन सीमा पर नाभीढांग में बना वैलीब्रिज
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Wed, 22 Jun 2016 10:13 PM IST
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चीन सीमा में नाभीढांग में बनकर तैयार वैली ब्रिज
- फोटो : अमर उजाला
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सीमा सड़क संगठन की 67 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (आरसीसी) ने भारत-चीन सीमा पर प्रसिद्ध ओम पर्वत के पास नाभीढांग में 100 मीटर स्पान का वैलीब्रिज (मोटर पुल) तैयार कर लिया है। इस पुल के बनने से भारत-चीन सीमा पर गर्ब्यांग से आगे का 31 किमी का हिस्सा मोटर मार्ग से जुड़ गया है। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोग खासे उत्साहित हैं। यदि सीमा सड़क संगठन(बीआरओ) लखनपुर से बूंदी तक चट्टान काटने में सफल रहता है तो कैलास मानसरोवर यात्रियों को नाथुला दर्रे की तरह ही लिपुलेख तक सड़क मार्ग से जाने की सुविधा मिल सकेगी।
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इससे आने वाले समय में कैलास यात्रा मार्ग पर नई सुविधा का विस्तार होने से यात्रा की अहमियत भी बढ़ जाएगी। साथ ही दशकों से उपेक्षित भारत-चीन व्यापार को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सीमा सड़क संगठन के कमान अधिकारी मेजर मनीष नारायण ने कहा कि टनकपुर-लिपुलेख मोटर मार्ग निर्माण में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीआरओ ने रात-दिन एक करते हुए अथक परिश्रम से सीमा पर गुंजी, कालापानी सहित अब तक तीन मोटर पुल तैयार कर लिए हैं।
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गुंजी के प्रधान अर्चना गुंज्याल, दशरथी गुंज्याल, पूर्व प्रधान जस्मा गुंज्याल समेत अन्य सीमा क्षेत्र के लोगों ने इन पुलों के तैयार होने पर खुशी व्यक्त की है। उम्मीद जताई है कि लखनपुर से बूंदी तक सड़क भी जल्दी तैयार हो जाएगी।
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