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Pithoragarh News: दो दिन से धधक रहा मदरमा का जंगल, जिम्मेदार गायब
Fri, 27 Feb 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 27 Feb 2026 10:51 PM IST
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बंगापानी (पिथौरागढ़)। उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में वनाग्नि का तांडव जारी है। तहसील क्षेत्र के मदरमा का जंगल पिछले 48 घंटों से धू-धू कर जल रहा है लेकिन हैरानी की बात यह है कि वनों की सुरक्षा का दम भरने वाला वन विभाग इस पूरी घटना से बेखबर है।
आग के कारण बांज और बुरांश जैसी बहुमूल्य वन संपदा जलकर राख हो गई है। इससे लाखों की क्षति का अनुमान है। यह क्षेत्र मोनाल, घुरड़ और कांकड़ जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है और आग से इनके अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
फायर सीजन से पहले विभाग ने 64 क्रू स्टेशन बनाने और पुख्ता तैयारी के दावे किए थे लेकिन धरातल पर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद हैं।
शिकारियों की साजिश का अंदेशा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों में इस जंगल में आग लगने की यह तीसरी घटना है। ग्रामीणों के अनुसार शिकारी वन्यजीवों को घेरने के लिए जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। विभाग न तो इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कस पा रहा है और न ही आग बुझाने के ठोस इंतजाम कर रहा है।
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कोट
- जल्द ही वन सरपंच से संपर्क कर टीम मौके पर भेजी जाएगी। आग बुझाने के साथ-साथ दोषियों का पता लगाया जाएगा। - लवराज सिंह पांगती, रेंजर, मुनस्यारी
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आग के कारण बांज और बुरांश जैसी बहुमूल्य वन संपदा जलकर राख हो गई है। इससे लाखों की क्षति का अनुमान है। यह क्षेत्र मोनाल, घुरड़ और कांकड़ जैसे दुर्लभ वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है और आग से इनके अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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फायर सीजन से पहले विभाग ने 64 क्रू स्टेशन बनाने और पुख्ता तैयारी के दावे किए थे लेकिन धरातल पर जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी मौके से नदारद हैं।
शिकारियों की साजिश का अंदेशा
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों में इस जंगल में आग लगने की यह तीसरी घटना है। ग्रामीणों के अनुसार शिकारी वन्यजीवों को घेरने के लिए जानबूझकर जंगलों में आग लगा रहे हैं। विभाग न तो इन असामाजिक तत्वों पर नकेल कस पा रहा है और न ही आग बुझाने के ठोस इंतजाम कर रहा है।
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- जल्द ही वन सरपंच से संपर्क कर टीम मौके पर भेजी जाएगी। आग बुझाने के साथ-साथ दोषियों का पता लगाया जाएगा। - लवराज सिंह पांगती, रेंजर, मुनस्यारी