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Pithoragarh News: वृद्धा की हत्या के दोषी को उम्रकैद, 70 हजार रुपये का जुर्माना; साल 2019 का मामला

Sat, 03 Aug 2024 12:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़ Updated Sat, 03 Aug 2024 12:12 PM IST
सार

पिथौरागढ़ जिले में सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने वृद्धा की हत्या के मामले में दोष सिद्ध करते हुए हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषी ने महज 1240 रुपये के लिए वृद्धा की हत्या कर दी थी।
 

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Life imprisonment to the accused of murder of old woman in pithoragarh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पिथौरागढ़ जिले में सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने वृद्धा की हत्या के मामले में दोष सिद्ध करते हुए हत्यारे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषी ने महज 1240 रुपये के लिए वृद्धा की हत्या कर दी थी।

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मामले के अनुसार गंगोलीहाट थाने में पूरन राम ने तहरीर दी कि उनकी मां राधिका देवी उम्र 65 वर्ष सिन्याड़ी गांव से 29 अगस्त 2019 की शाम को वह लापता हो गई थीं। खोजबीन के बाद 30 जुलाई को लमकटया के जंगल में उनका शव अर्द्धनग्न हालत में मिला। तहरीर के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 और 201 के तहत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया। इस मामले में जांच के दौरान विजय कुमार उर्फ बिट्टू का नाम सामने आया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि वृद्धा के पास लगभग 1240 रुपये थे। आरोपी ने इन चंद रुपयों के लिए वृद्धा की हत्या करने के बाद शव खाई में फेंक दिया था। यह मामला सत्र न्यायाधीश शंकर राज की अदालत में चला। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध करार देते हुए विजय कुमार उर्फ बिट्टू को आईपीसी की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड नहीं देने पर पांच साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। धारा 201 के तहत सात वर्ष का कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना नहीं देने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने कहा कि यदि दोष सिद्ध अर्थदंड की धनराशि जमा करता है तो 60 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पूरन राम को प्रतिकर के रूप में दिया जाएगा।

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