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नाम की सीएचसी मगर उपचार के लिए नहीं विशेषज्ञ
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Less Doctor in CHC Gangolihat
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। गंगोलीहाट विकासखंड की 117 ग्राम पंचायतों की 30 हजार से अधिक की आबादी सीएचसी पर निर्भर है। यहां रोजाना औसतन 200 से अधिक मरीज आते हैं मगर अस्पताल में जांच की सुविधा नहीं है।
सीएचसी में फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। एक्स-रे तकनीशियन के सेवानिवृत्त होने के बाद से दिसंबर 2016 से एक्सरे भी नहीं हो पा रहे हैं।
डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों का दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इमरजेंसी में आए मरीजों को मुश्किल होती है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए 120 किमी दूर अल्मोड़ा, 220 किमी दूर हल्द्वानी या फिर 80 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है।
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सीएचसी में व्यवस्थाएं बेहाल हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते दिक्कत का सामना करना पड़ता है। व्यवस्थाएं ठीक होती तो यहां उपचार मिल जाता। लोगों की जेब ढीली नहीं होती। - प्यारे लाल, स्थानीय।
विकासखंड की इतनी बड़ी आबादी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं नाकाफी हैं। किसी ने भी गरीब जनता के बारे में नहीं सोचा। हर बार लोगों को रेफर कर दिया जाता है। - गजेंद्र रावल, व्यापारी।
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सीएचसी में फिजीशियन, रेडियोलॉजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट और बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। एक्स-रे तकनीशियन के सेवानिवृत्त होने के बाद से दिसंबर 2016 से एक्सरे भी नहीं हो पा रहे हैं।
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डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों का दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इमरजेंसी में आए मरीजों को मुश्किल होती है। गंभीर मरीजों को उपचार के लिए 120 किमी दूर अल्मोड़ा, 220 किमी दूर हल्द्वानी या फिर 80 किमी दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है।
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सीएचसी में व्यवस्थाएं बेहाल हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के चलते दिक्कत का सामना करना पड़ता है। व्यवस्थाएं ठीक होती तो यहां उपचार मिल जाता। लोगों की जेब ढीली नहीं होती। - प्यारे लाल, स्थानीय।
विकासखंड की इतनी बड़ी आबादी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं नाकाफी हैं। किसी ने भी गरीब जनता के बारे में नहीं सोचा। हर बार लोगों को रेफर कर दिया जाता है। - गजेंद्र रावल, व्यापारी।