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Pithoragarh News: गांव में पहुंच रहे तेंदुए और भालू, इन्सान घरों में कैद होने के लिए मजबूर
Wed, 07 Jan 2026 10:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 07 Jan 2026 10:51 PM IST
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डीडीहाट के आदिचौरा में नजर आया तेंदुआ। स्रोत : ग्रामीण
संजू पंत
डीडीहाट। सीमांत जिले में शीतकाल में भी तेंदुए और भालू की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। डीडीहाट के आदिचौरा क्षेत्र में तेंदुए तो दूनाकोट क्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। हालात यह हैं कि रात तो दूर दिन में भी ग्रामीणों का अकेले घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
आदिचौरा के कुणिया क्षेत्र में बीते कई दिनों से तेंदुआ तो दूनाकोट के बोरा गांव में भालुओं का झुंड नजर आ रहा है। सुबह हो या शाम कभी भी तेंदुआ और भालू गांव में धमक रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने घरों में कैद रहने के लिए मजबूर हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ग्रामीणों की दिक्कत जानने के लिए आदिचौरा पहुंची। आंगन में बैठे बलवंत सिंह बोरा ने बताया कि दिन के समय भी घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।
लोगों ने बताया कि धूप सेंकने के लिए भी घरों के आसपास नजर बनाए रखना मजबूरी बना हुआ है। अंदाजा नहीं लगाया सकता कि कब तेंदुआ हमारे नजदीक धमक पड़े। अगले घर के दरवाजे पर बैठे आनंद चौहान ने कहा कि शाम चार बजते ही घरों में कैद होना मजबूरी है। बच्चों और महिलाओं के अकेले घर से बाहर निकलने पर रोक लगा रखी है।
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इसके बाद जब टीम बोरागांव पहुंची तो यहां के ग्रामीणों की दहशत भी कम नहीं थी। ग्रामीण देवेंद्र बोरा और बलवंत बोरा ने कहा कि कई दिनों से तीन से चार भालू दिन दहाड़े बेखौफ गांव के पैदल रास्तों पर घूम रहे हैं। ऐसे में इन रास्तों पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि बगैर सुरक्षा के अब घरों से बाहर निकलने में डर लग रहा है। यदि सुरक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए तो हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने कहा वन विभाग गश्त करता तो बढ़ता हमारा हौसला
आदिचौरा और दूनाकोट के ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दूनाकोट के ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में गांव में एक भालू नजर आ रहा था। अब इनकी संख्या बढ़कर तीन से चार हो गई है। भालुओं ने हमारे गांव में डेरा जमा लिया है। दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग गश्त करता तो हमारा भी हौसला बढ़ता। भालू और तेंदुए गांव से दूर होते तो हम बेखौफ होकर घरों से बाहर निकल पाते।
कोट
आदिचौरा और दूनाकोट क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना मिली है। अस्कोट और डीडीहाट रेंज के वन कर्मियों को दोनों प्रभावित क्षेत्रों में गश्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के हरसंभव उपाय किए जाएंगे। - खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट
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डीडीहाट। सीमांत जिले में शीतकाल में भी तेंदुए और भालू की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही है। डीडीहाट के आदिचौरा क्षेत्र में तेंदुए तो दूनाकोट क्षेत्र में भालुओं की मौजूदगी से ग्रामीण दहशत में हैं। हालात यह हैं कि रात तो दूर दिन में भी ग्रामीणों का अकेले घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
आदिचौरा के कुणिया क्षेत्र में बीते कई दिनों से तेंदुआ तो दूनाकोट के बोरा गांव में भालुओं का झुंड नजर आ रहा है। सुबह हो या शाम कभी भी तेंदुआ और भालू गांव में धमक रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण अपने घरों में कैद रहने के लिए मजबूर हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ग्रामीणों की दिक्कत जानने के लिए आदिचौरा पहुंची। आंगन में बैठे बलवंत सिंह बोरा ने बताया कि दिन के समय भी घर से बाहर निकलने में डर लग रहा है।
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लोगों ने बताया कि धूप सेंकने के लिए भी घरों के आसपास नजर बनाए रखना मजबूरी बना हुआ है। अंदाजा नहीं लगाया सकता कि कब तेंदुआ हमारे नजदीक धमक पड़े। अगले घर के दरवाजे पर बैठे आनंद चौहान ने कहा कि शाम चार बजते ही घरों में कैद होना मजबूरी है। बच्चों और महिलाओं के अकेले घर से बाहर निकलने पर रोक लगा रखी है।
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इसके बाद जब टीम बोरागांव पहुंची तो यहां के ग्रामीणों की दहशत भी कम नहीं थी। ग्रामीण देवेंद्र बोरा और बलवंत बोरा ने कहा कि कई दिनों से तीन से चार भालू दिन दहाड़े बेखौफ गांव के पैदल रास्तों पर घूम रहे हैं। ऐसे में इन रास्तों पर आवाजाही करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि बगैर सुरक्षा के अब घरों से बाहर निकलने में डर लग रहा है। यदि सुरक्षा के लिए उचित कदम नहीं उठाए तो हमें इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने कहा वन विभाग गश्त करता तो बढ़ता हमारा हौसला
आदिचौरा और दूनाकोट के ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से सुरक्षा की गुहार लगाई है। दूनाकोट के ग्रामीणों ने कहा कि पूर्व में गांव में एक भालू नजर आ रहा था। अब इनकी संख्या बढ़कर तीन से चार हो गई है। भालुओं ने हमारे गांव में डेरा जमा लिया है। दोनों गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग गश्त करता तो हमारा भी हौसला बढ़ता। भालू और तेंदुए गांव से दूर होते तो हम बेखौफ होकर घरों से बाहर निकल पाते।
कोट
आदिचौरा और दूनाकोट क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना मिली है। अस्कोट और डीडीहाट रेंज के वन कर्मियों को दोनों प्रभावित क्षेत्रों में गश्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा के हरसंभव उपाय किए जाएंगे। - खुशबू पांडे, एसडीएम, डीडीहाट