फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Lack of facilities at the border region's mountaineering institute; training held only twice a year

Pithoragarh News: सीमांत के पर्वतारोहण संस्थान में सुविधाओं का अभाव, साल में सिर्फ दो बार प्रशिक्षण

Fri, 31 Jul 2026 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 31 Jul 2026 10:54 PM IST
विज्ञापन
Lack of facilities at the border region's mountaineering institute; training held only twice a year
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद यहां के युवाओं ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। कई युवा आज भी एवरेस्ट समेत दुनिया की ऊंची चोटियों पर तिरंगा फहराने का सपना देख रहे हैं। ऐसे युवाओं को पर्वतारोहण और साहसिक खेलों का प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से मुनस्यारी में वर्ष 2015 में स्थापित पं. नैन सिंह सर्वेयर माउंटेनियरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुद सुविधाओं और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
विज्ञापन

संस्थान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना कौशल धर्मशक्तू के अनुसार प्रशिक्षण के लिए अभी भी कई जरूरी व्यवस्थाएं और सुविधाएं विकसित की जानी बाकी हैं। संसाधनों की कमी के कारण संस्थान में वर्ष में केवल दो बार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशिक्षण के लिए बुनियादी सुविधाओं और ढांचे को मजबूत करने के साथ पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाए तो संस्थान देश और प्रदेश को कई प्रतिभाशाली पर्वतारोही दे सकता है।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिले तो वे एवरेस्ट समेत दुनिया की दुर्गम चोटियों पर अभियान के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। इससे सीमांत क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और साहसिक खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर भी मिलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
500 से अधिक युवाओं को दिया प्रशिक्षण
मुनस्यारी में स्थापित इस संस्थान से अब तक 500 से अधिक युवाओं को पर्वतारोहण का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। संस्थान की मुख्य कार्यकारी अधिकारी रीना कौशल धर्मशक्तू स्वयं भी पर्वतारोहण और साहसिक खेलों से जुड़ी हैं। वह सात बार माउंट एवरेस्ट फतह कर चुके प्रसिद्ध पर्वतारोही लवराज सिंह धर्मशक्तू की पत्नी हैं। रीना कौशल धर्मशक्तू अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव पर स्कीइंग करने वाली पहली भारतीय महिला होने का रिकॉर्ड भी बना चुकी हैं।

---------

पं. नैन सिंह सर्वेयर माउंटेनयरिंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का उद्देश्य इसे भारतीय पर्वतारोहण संस्थान दिल्ली से संबद्ध कर बड़े पैमाने बेहतरीन पर्वतारोही तैयार करना था। वर्तमान में इस संस्थान की अनदेखी की जा रही है। सरकार को जल्द संस्थान का विस्तार कर इसके लिए जरूरी सुविधाएं और संसाधन जुटाने चाहिए। -हरीश धामी, विधायक, धारचूला
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed