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कुमौड़ में आज आएगा लखियाभूत
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 01 Sep 2016 10:36 PM IST
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कुमौड़ गांव में हिलजात्रा के लिए मुखौटों को सजाते कारीगर
- फोटो : अमर उजाला
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नगर के ऐतिहासिक कुमौड़ मैदान में शुक्रवार अपरान्ह से हिलजात्रा महोत्सव की धूम शुरू हो जाएगी। हिलजात्रा के समय कलाकारों द्वारा पहने जाने वाले मुखौटों पर बृहस्पतिवार को रंगरोगन कर दिया गया है। हिलजात्रा का मुख्य आकर्षण लखियाभूत होता है। लखियाभूत को भगवान शंकर का गण माना जाता है। सदियों से यह लोक विश्वास चला आ रहा है कि यदि लखियाभूत प्रसन्न हो जाएं तो गांव एवं इलाके में किसी प्रकार की विपत्ति नहीं आती। कहा जाता है कि कुमौड़ गांव के महरों को हिलजात्रा उत्सव नेपाल से इनाम में मिला था।
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कुमौड़ के प्राचीन किले में हिलजात्रा के कलाकार तैयार होंगे। उसके बाद ढोल-नगाड़ों के साथ कलाकारों को कुमौड़ के मैदान में लाया जाएगा। वहां पर पर्वतीय कृषि पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम दिखाए जाएंगे, इनमें रोपाई लगाना, आलसी बैलों की जोड़ी समेत कई अन्य कार्यक्रम होंगे। महिलाएं लोकगीत, चांचरी गीत पेश करेंगी। हिलजात्रा महोत्सव समिति के अध्यक्ष गोपू महर ने बताया कि अपरान्ह दो बजे से कार्यक्रम शुरू हो जाएंगे। लखियाभूत के आशीर्वचनों के साथ महोत्सव का समापन होगा। पुलिस ने महोत्सव के दौरान शांति व्यवस्था के लिए खास प्रबंध किए हैं। कुमौड़ जाने वाली रोड पर आयोजन के दौरान ट्रैफिक बंद रहेगा।
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बड़ालू में धूमधाम से मनाया हिलजात्रा महोत्सव
झूलाघाट (पिथौरागढ़)। विकासखंड मूनाकोट से अंतर्गत बड़ालू में हिलजात्रा महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गल्या बैल की जोड़ी, हिरन-चित्तल का मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। गांव के तेजबहादुर चंद ने बताया कि सुख, शांति की कामना के लिए यह पर्व मनाया जाता है। बिसखोली, गैना, किल्ल, गौरीहाट के आसपास के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधान शांति जोशी, मथुरा देवी, हरीश चंद, जगत सिंह मेहता, गोपाल सिंह ने सहयोग दिया।
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