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खटारा विमान चलाकर किया जा रहा है लोगों की सुरक्षा से खिलवाड़
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नैनीसैनी हवाई पट्टी।
- फोटो : PITHORAGARH
हैरिटेज एविएशन खटारा विमान संचालित कर लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा है। हवाई सेवा शुरू होने के बाद दो बार हादसा हो गया है। पर शासन-प्रशासन को यात्रियों की चिंता नहीं है। शुक्रवार को लैंडिंग के दौरान विमान के रनवे से किनारे उतरने के बाद विमान को लेकर कई तरह के सवाल भी उठा रहे हैं।
पिथौरागढ़ में नैनीसेनी हवाई पट्टी 1991 में बनकर तैयार हो गई थी। तब यहां नियमित उड़ान के लिए ट्रायल लैंडिंग की गई, लेकिन इसे उड़ान के लिए छोटा बताया गया। 2013-14 में 65 करोड़ से हवाई पट्टी के कार्य शुरू किया। नवंबर 2015 में पहली बार यहां 9 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। 2018 में 9 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। इसके सफल होने के बाद 9 अक्तूबर को देहरादून से 9 सीटर विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
17 जनवरी 2019 को पहली व्यवसायिक उड़ान शुरू हुई। 9 फरवरी को 2019को विमान में तकनीकी कमी से हवा में विमान का दरवाजा खुल गया। हवा में दरवाजा खुलने के बाद विमान में सवार सभी नौ यात्रियों की जान आफत में पड़ गई थी। 13 महीने बाद नैनीसैनी हवाई पट्टी में हिंडन से यात्रियों को लेकर आ रहा विमान मय यात्रियों के रनवे से बाहर उतर गया। गनीमत रही कि विमान के पहिये कीचड़ में फंस गए और विमान की गति कमजोर हो गई। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
लैंडिंग के दौरान विमान का एक ब्रेक फेल हो गया था। पायलट ने यात्रियों को बिना बताए विमान को एक ब्रेक के सहारे लैंड किया। गनीमत रही कि कीचड़ में विमान के पहिये धंसने से उसकी गति कम हो गई नहीं तो विमान सुरक्षा दीवार से टकरा सकता था। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया।
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पिथौरागढ़ में नैनीसेनी हवाई पट्टी 1991 में बनकर तैयार हो गई थी। तब यहां नियमित उड़ान के लिए ट्रायल लैंडिंग की गई, लेकिन इसे उड़ान के लिए छोटा बताया गया। 2013-14 में 65 करोड़ से हवाई पट्टी के कार्य शुरू किया। नवंबर 2015 में पहली बार यहां 9 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। 2018 में 9 सीटर विमान की ट्रायल लैंडिंग की गई। इसके सफल होने के बाद 9 अक्तूबर को देहरादून से 9 सीटर विमान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
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17 जनवरी 2019 को पहली व्यवसायिक उड़ान शुरू हुई। 9 फरवरी को 2019को विमान में तकनीकी कमी से हवा में विमान का दरवाजा खुल गया। हवा में दरवाजा खुलने के बाद विमान में सवार सभी नौ यात्रियों की जान आफत में पड़ गई थी। 13 महीने बाद नैनीसैनी हवाई पट्टी में हिंडन से यात्रियों को लेकर आ रहा विमान मय यात्रियों के रनवे से बाहर उतर गया। गनीमत रही कि विमान के पहिये कीचड़ में फंस गए और विमान की गति कमजोर हो गई। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
लैंडिंग के दौरान विमान का एक ब्रेक फेल हो गया था। पायलट ने यात्रियों को बिना बताए विमान को एक ब्रेक के सहारे लैंड किया। गनीमत रही कि कीचड़ में विमान के पहिये धंसने से उसकी गति कम हो गई नहीं तो विमान सुरक्षा दीवार से टकरा सकता था। पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को दुर्घटनाग्रस्त होने से बचा लिया।