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बंजर धरा को किया हरा-भरा
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Mon, 13 Jul 2015 10:49 PM IST
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पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण के क्षेत्र में देश के भीतर तमाम सरकारी एजेंसियां एवं निजी संगठन काम कर रहे हैं, लेकिन बंजर धरा को हराभरा करने में 130 इन्फैंट्री बटालियन (टेरीटोरियल आर्मी) का कोई जवाब नहीं। बटालियन स्थापना के 21 साल में पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिले में 14342 हेक्टेयर बंजर भूमि में 1.55 अरब पौधों को पेड़ बना चुकी है। पिथौरागढ़ का कैंट एरिया, भड़कटिया आदि क्षेत्र हों या अब पौण, पपदेउ क्षेत्र, पर्यावरण बटालियन के नाम से लोगों के जेहन में बस चुकी बटालियन की वजह से ही हरे-भरे दिख रहे हैं।
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वर्ष 1994 में तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल वीसी जोशी ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में 130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) और देहरादून में 127 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) की स्थापना की। बटालियन पौधरोपण के लिए बंजर भूमि का चयन करती है। पौधरोपण के बाद पांच साल तक पौधों की देखरेख की जाती है। मृत पौधों (सूख चुके) के स्थान पर नए पौधे लगाए जाते हैं। जल, भूमि संरक्षण का काम भी बटालियन करती है।
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बटालियन पिथौरागढ़ के कैंट एरिया समेत तमाम स्थानों को हरा-भरा बना चुकी है। कंपनी इन दिनों पौण, पपदेउ समेत कई क्षेत्रों की बंजर भूमि में हरियाली ला रही है। बटालियन में 20 प्रतिशत अधिकारी एवं जवान सेना से प्रतिनियुक्ति पर आते हैं। 80 प्रतिशत पदों पर पूर्व सैनिकों को लिया जाता है। बटालियन की दो कंपनियां केंद्र तो दो कंपनियां राज्य सरकार से वित्त पोषित हैं।
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हर साल रोपे जाते हैं 9 लाख पौधे : कर्नल बीएन
130 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) के कमान अधिकारी कर्नल नंदू कुमार बीएन बताते हैं कि हर साल 900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 9 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य है। एक लाख पौधे मृत पौधों के स्थान पर रोपे जाते हैं। इस समय पिथौरागढ़ के बास्ते, तोली, झलोड़ी, बांसबगड़ और अल्मोड़ा के सैकूड़ा, खेरदा क्षेत्र में प्लांटेशन का काम चल रहा है।