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चमोली की आपदा में कालिका के युवक की मौत
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Kalika's youth dies in Chamoli disaster
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धारचूला (पिथौरागढ़)। चमोली में ग्लेशियर फटने की घटना में तहसील क्षेत्र के ग्राम कालिका बजानी के 35 वर्षीय मजदूर रविंद्र कुंवर की मौत हो गई है। बुधवार को तपोवन क्षेत्र से 50 किलोमीटर दूर गोपेश्वर में उसका शव मिला।
कालिका निवासी रविंद्र कुंवर चमोली के ऋषिगंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट में सात साल से स्थायी मजदूर था। सात फरवरी को ग्लेशियर टूटने से नदी में आई बाढ़ के बाद से वह लापता था। दो दिन पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता ललित थापा के साथ उसके दो भाई चमोली पहुंचे। बुधवार को गोपेश्वर में रविंद्र का शव मिला। प्रशासन की सूचना पर वहां पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की। वहीं पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना से उसकी पत्नी गहरे सदमे में है, जबकि दो बच्चों सहित सभी परिजन शोकाकुल हैं।
कलाई पर लिखे नामों से हुई पहचान
धारचूला (पिथौरागढ़)। चमोली जिले में आई आपदा में मृत धारचूला के कालिका निवासी रविंद्र कुंवर ऋत्विक कंपनी में पिछले साल से स्थायी मजदूर था। बताया जा रहा है कि आपदा में मारे गए अधिकतर मजदूरों के शव क्षत-विक्षत हो चुके थे। ऐसे में मृतकों की पहचान करना आसान नहीं है। मृतक रविंद्र कुंवर ने अपनी कलाई पर पत्नी और बच्चों के नाम लिखे थे। इसी आधार पर घटनास्थल से 50 किमी. दूर मिले शव की पहचान रविंद्र के रूप में की गई। उसकी अंत्येष्टि वहीं कर दी गई। (संवाद)
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कालिका निवासी रविंद्र कुंवर चमोली के ऋषिगंगा हाइड्रो प्रोजेक्ट में सात साल से स्थायी मजदूर था। सात फरवरी को ग्लेशियर टूटने से नदी में आई बाढ़ के बाद से वह लापता था। दो दिन पूर्व सामाजिक कार्यकर्ता ललित थापा के साथ उसके दो भाई चमोली पहुंचे। बुधवार को गोपेश्वर में रविंद्र का शव मिला। प्रशासन की सूचना पर वहां पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त की। वहीं पोस्टमार्टम के बाद प्रशासन ने शव परिजनों को सौंप दिया। घटना से उसकी पत्नी गहरे सदमे में है, जबकि दो बच्चों सहित सभी परिजन शोकाकुल हैं।
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कलाई पर लिखे नामों से हुई पहचान
धारचूला (पिथौरागढ़)। चमोली जिले में आई आपदा में मृत धारचूला के कालिका निवासी रविंद्र कुंवर ऋत्विक कंपनी में पिछले साल से स्थायी मजदूर था। बताया जा रहा है कि आपदा में मारे गए अधिकतर मजदूरों के शव क्षत-विक्षत हो चुके थे। ऐसे में मृतकों की पहचान करना आसान नहीं है। मृतक रविंद्र कुंवर ने अपनी कलाई पर पत्नी और बच्चों के नाम लिखे थे। इसी आधार पर घटनास्थल से 50 किमी. दूर मिले शव की पहचान रविंद्र के रूप में की गई। उसकी अंत्येष्टि वहीं कर दी गई। (संवाद)
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