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हाट कालिका धरोहर पथ नाम से शोभायात्रा निकाली
ब्यूरो/अमर उजाला, गंगोलीहाट
Updated Fri, 30 Dec 2016 10:52 PM IST
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गंगोलीहाट में पवित्र कैलाश भूक्षेत्र संरक्षण के लिए शोभायात्रा निकालती महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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पवित्र कैलास भू-क्षेत्र संरक्षण और विकास पहल योजना के तहत गंगोलीहाट में आयोजित ‘हमारी विविधता हमारी धरोहर’ कार्यशाला शुक्रवार को संपन्न हो गई। अंतिम दिन परियोजना के सभी सहयोगियों के संयुक्त प्रयास से संपूर्ण भू-क्षेत्र की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाने के लिए हाट कालिका धरोहर पथ नाम से शोभायात्रा निकाली गई।
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परंपरागत परिधानों में सजे व्यास, चौदांस, जोहार के शौका समाज से जुड़ी महिला, पुरुष, वनराजि समूह, गोरंग घाटी के काश्तकार, सोर मूनाकोट, राम मंदिर का बोहरा समाज, गंगावली परिक्षेत्र के अलग-अलग उपसमुदायों से जुड़े समूह शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण रहे। गंगावली क्षेत्र के प्रसिद्ध छलिया नर्तकों और स्थानीय विद्यालय के विद्यार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और अधिक रोचक बनाया। समापन अवसर पर डा. शेखर पाठक और पूर्व प्रधानाचार्य किशन सिंह रावल ने धरोहर पथ पर पड़ने वाले विविध धरोहर स्थलों जान्हवी नौला, रामजी देवाल, जंगम बाबा आश्रम के बारे में बताया।
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नेपाल आईसी मोड के स्वप्निल चौधरी ने कार्यशाला की सराहना की। संयोजक डा. रंजीत सिंह रावल ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को अपनी पहचान समझाने और उसे कायम रखने का संदेश देना था। चिया संस्था के डा. पंकज तिवारी ने कार्यशाला को पर्यटन संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। हिमालयन ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कार्यशाला की आवश्यकता को क्षेत्रीय विकास के लिए उपयोगी बताया। टीम संस्था के सचिव योगेश पाठक ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से क्षेत्रीय धरोहरों के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों को प्रेरित किया जा सकता है। अंत में रावलगांव के युवाओं ने कुमाऊंनी भोज का आयोजन किया।
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