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Pithoragarh News: मड़सौन गांव की चैतोल में हुआ कालेसौन और गोरेसौन का मिलन
Thu, 23 May 2024 10:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 23 May 2024 10:56 PM IST
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सौनपट्टी के मड़सौन गांव में चैतोल पर्व में कालेसौन और गौरेसौन की छातों का मिलन कराया गया। संवाद
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। सोनपट्टी क्षेत्र के मड़सौन गांव में चैतोल पर्व मनाया गया। इस दौरान कालेसौन और गोरेसौन का मिलन हुआ। लोगों ने क्षेत्र में सुख, समृद्धि की कामना करते हुए पूजा अर्चना की।
बुधवार को छोटी चैतोल मनाने के बाद बृहस्पतिवार को बड़ी चैतोल मनाई गई। जय मां भगवती संगठन मड़सौन संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह सौन ने बताया कि मड़सौन गांव से मां भगवती और मां महाकाली के धामी निकले जो सबसे पहले मां भगवती के मंदिर से भूमिया देवता मंदिर गए। यहां मां भगवती की छतरी कालसौन (मड़सौन, क्वीतड़ और दिगरा गांव) से लोग आए। गोरासौन (कोटभल्द्यू, बडारी, कोसेरी, बुडलगांव और भंडारी गांव) के लोग छात लेकर आए। ओड़सन में कालेसौन और गोरेसौन का मिलन हुआ। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे के देवताओं को पूजा अर्चना की। अध्यक्ष विक्रम सिंह सौन ने बताया एक माह पहले गांव अशुद्धि के कारण चैतोल पर्व नहीं मनाया गया था। इस कारण बुद्ध पूर्णिमा को चैतोल पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में गोविंद सिंह सौन, रोहन सिंह सौन, राजेश सिंह सौन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे
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बुधवार को छोटी चैतोल मनाने के बाद बृहस्पतिवार को बड़ी चैतोल मनाई गई। जय मां भगवती संगठन मड़सौन संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह सौन ने बताया कि मड़सौन गांव से मां भगवती और मां महाकाली के धामी निकले जो सबसे पहले मां भगवती के मंदिर से भूमिया देवता मंदिर गए। यहां मां भगवती की छतरी कालसौन (मड़सौन, क्वीतड़ और दिगरा गांव) से लोग आए। गोरासौन (कोटभल्द्यू, बडारी, कोसेरी, बुडलगांव और भंडारी गांव) के लोग छात लेकर आए। ओड़सन में कालेसौन और गोरेसौन का मिलन हुआ। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे के देवताओं को पूजा अर्चना की। अध्यक्ष विक्रम सिंह सौन ने बताया एक माह पहले गांव अशुद्धि के कारण चैतोल पर्व नहीं मनाया गया था। इस कारण बुद्ध पूर्णिमा को चैतोल पर्व मनाया गया। कार्यक्रम में गोविंद सिंह सौन, रोहन सिंह सौन, राजेश सिंह सौन सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे
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