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कैलाश यात्रियों का अंतिम दल भी दिल्ली लौटा

Mon, 11 Sep 2017 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Mon, 11 Sep 2017 10:55 PM IST
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Kailash travel team returned
कैलाश यात्रा दल लौटा - फोटो : अमर उजाला

पिथौरागढ़/धारचूला। कैलाश मानसरोवर यात्रा 2017 का समापन हो गया है। यात्रियों का अंतिम और 18वां दल सोमवार को यहां से जागेश्वर होते हुए दिल्ली को लौट हो गया। अब कैलाश यात्रा अगले साल जून में फिर शुरू होगी। इस बार 13 अगस्त की देर रात मालपा हादसे के बाद अंतिम तीन दलों को जाते समय धारचूला से गुंजी तक हेलीकॉप्टर से ले जाया गया और वापसी में भी यात्री हेलीकॉप्टर से ही धारचूला पहुंचे। इस व्यवस्था से यात्री बेहद खुश हैं। क्योंकि इससे उनको 57 किमी की कठिन पैदल यात्रा नहीं करनी पड़ी।

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पिथौरागढ़ में कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पर्यटक आवासगृह में प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने यात्रियों का स्वागत किया। उन्होंने यात्रियों को हिमालय बचाने की शपथ दिलाई। यात्रियों ने मानसरोवर वाटिका में पौधरोपण कर शहीदों के नाम दीया जलाया। यात्रा सकुशल संपन्न होने से सभी यात्री खुश थे। इससे पहले धारचूला में कुमाऊं स्काउट्स के जवानों ने यात्रियों का जोरदार स्वागत किया।
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कुमाऊं स्काउट्स मुख्यालय में मेजर अमित मलिक के नेतृत्व में जवानों ने यात्रियों का फूलों से स्वागत किया। कुमाऊं स्काउट्स के प्रसिद्ध कालिका मंदिर में यात्रियों ने भजन, कीर्तन किए। मंदिर के पंडित नायब सूबेदार आरके मिश्रा ने यात्रियों को आरती करा भागवत कथा सुनाई। यात्राधिकारी आरसी जोशी, प्रबंधक दीवान बिष्ट ने बताया कि सभी यात्रियों ने यात्रा सही तरीके से पूरी कर ली है। कुमाऊं स्काउट्स के मेजर अमित कुमार, कैप्टन एडीएस भूटिया, अभिषेक तनवीर आदि ने यात्रियों को बधाई दी। 
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तिब्बत में तेजी से हो रहा विकास 
धारचूला। लगातार 29वीं बार कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी करने वाले दिल्ली निवासी संजय गोगिया ने बताया कि इस बार मालपा त्रासदी के अलावा पूरी यात्रा में कोई रुकावट नहीं आई। वह कहते हैं कि तिब्बत में हर साल विकास तेजी हो रहा है। गोगिया ने नेपाल के रास्ते भी कैलाश यात्रा की है। उत्तराखंड की एकमात्र यात्री अल्मोड़ा निवासी एडवोकेट कामिनी कश्यप नवीं बार यात्रा कर बेहद खुश नजर आई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है। छोटा कैलाश, ओम पर्वत, व्यास गुफा में प्राकृतिक छटा के साथ साथ आध्यात्मिक दर्शन भी होते हैं। सातवीं बार यात्रा से लौटी रायपुर छत्तीसगढ़ निवासी किरन माया नायर ने बताया कि इस बार केएमवीएन ने काफी सुविधाएं बढ़ाईं थीं। इससे यात्रा पूरी करने में काफी आसानी हुई। दिल्ली सरकार के डिप्टी चेयरमैन अशोक मित्तल ने कहा कि चीन की तुलना में भारतीय क्षेत्र में सुविधाएं नहीं के बराबर हैं। चीन में प्रवेश करते ही मोबाइल, सड़क, आधुनिक संसाधनों के भरमार देखने को मिलती है। उन्होंने कहा कि यात्रा के सही संचालन के लिए राज्य सरकार को और अधिक प्रयास करने होंगे। यात्रा से लौटे भावनगर गुजरात निवासी जयश्री, राजेश चतुर्वेदी भी यात्रा की सफलता से खुश हैं। 


यात्रा मार्ग से पुलिस दल वापस लौटा
पिथौरागढ़। कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होते समय गुंजी, बूंदी में तैनात पुलिस दल को वापस बुला लिया गया है। गुंजी का अस्थायी थाना भी अब बंद हो गया है। यात्रा मार्ग पर तैनात एसडीआरएफ, आईटीबीपी के जवान भी लौट गए हैं। आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि आईटीबीपी की चिकित्सा टीम, आपदा प्रबंधन टीम को वापस बुला लिया गया है।

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