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जीजीआईसी थल में चार साल से प्रधानाचार्य नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 08 Oct 2015 10:25 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है। जब प्रधानमंत्री ने यह नारा दिया तो कई लोग इस अभियान में कूदे, लेकिन बेटियों को पढ़ाने के लिए वास्तव में सही माहौल मिल पा रहा है या नहीं, इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। बेड़ीनाग विकासखंड के अंतर्गत थल कस्बे के राजकीय कन्या इंटर कालेज में वर्ष 2011 से प्रधानाचार्य का पद खाली है। कुल 388 बालिकाएं इस विद्यालय में पढ़ रही हैं, लेकिन यह जानकर आश्चर्य होगा कि विद्यालय में दस वर्ष से सफाई कर्मचारी का पद रिक्त है। विद्यालय में शौचालय तो बने हैं लेकिन सफाई न होने से उनमें गंदगी रहती है। बालिकाएं या फिर चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी कभी-कभार शौचालयों की सफाई कर देते हैं। विद्यालय में कक्षा नौ में 93 छात्राओं ने प्रवेश लिया है। इतनी बालिकाओं के बैठने के लिए कुर्सी और टेबल उपलब्ध नहीं हैं। इस कारण बालिकाओं को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है।
विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा 9 में 93, कक्षा 10 में 36, कक्षा 11 में 78 और कक्षा 12 में 77 बालिकाओं ने प्रवेश लिया है। जीजीआईसी थल में वरिष्ठ लिपिक और कनिष्ठ लिपिक का पद खाली है। आफिस के काम को शिक्षिकाएं और प्रधानाचार्य मिलकर निपटाते हैं। इस बार गेस्ट टीचर की भर्ती के समय कुछ शिक्षिकाएं मिलने से पठन-पाठन तो पटरी पर आया है, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया गया है।
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विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। कक्षा 9 में 93, कक्षा 10 में 36, कक्षा 11 में 78 और कक्षा 12 में 77 बालिकाओं ने प्रवेश लिया है। जीजीआईसी थल में वरिष्ठ लिपिक और कनिष्ठ लिपिक का पद खाली है। आफिस के काम को शिक्षिकाएं और प्रधानाचार्य मिलकर निपटाते हैं। इस बार गेस्ट टीचर की भर्ती के समय कुछ शिक्षिकाएं मिलने से पठन-पाठन तो पटरी पर आया है, लेकिन अन्य व्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया गया है।
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